Surajpur: बिजली गिरने से दो बैलों की मौत, बाल-बाल बचा किसान, मुआवजे की मांग

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में स्थित चांदनी बिहारपुर क्षेत्र से एक दुखद खबर सामने आई है। यहाँ आकाशीय बिजली गिरने से एक गरीब किसान के दो बैलों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। गनीमत रही कि इस हादसे में किसान बाल-बाल बच गया, लेकिन अपनी आजीविका का मुख्य जरिया खोने से वह गहरे…

सूरजपुर में कुदरत का कहर: आकाशीय बिजली की चपेट में आने से किसान के दो बैलों की मौत

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में स्थित चांदनी बिहारपुर क्षेत्र से एक दुखद खबर सामने आई है। यहाँ आकाशीय बिजली गिरने से एक गरीब किसान के दो बैलों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। गनीमत रही कि इस हादसे में किसान बाल-बाल बच गया, लेकिन अपनी आजीविका का मुख्य जरिया खोने से वह गहरे सदमे में है। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है।

खेत पर लौटते समय हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैजनपाठ गांव का निवासी किसान अपने बैलों को चराने के लिए जंगल की ओर ले गया था। दोपहर के समय अचानक मौसम का मिजाज बदला और तेज गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। किसान अपने बैलों के साथ सुरक्षित स्थान की तलाश कर ही रहा था कि तभी अचानक गिरी बिजली ने सब कुछ बदल दिया।

  • घटनास्थल: चांदनी बिहारपुर, बैजनपाठ गांव।
  • नुकसान: दो बैलों की मौके पर ही मौत।
  • किसान की स्थिति: किसान सुरक्षित, लेकिन भारी आर्थिक संकट में।

ग्रामीणों ने की मुआवजे की मांग

हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। पीड़ित किसान के लिए खेती-बाड़ी का पूरा दारोमदार इन्हीं बैलों पर था। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्राकृतिक आपदा को देखते हुए पीड़ित किसान को अविलंब उचित मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि वह अपनी खेती की गतिविधियों को दोबारा शुरू कर सके।

विवरणजानकारी
प्रभावितस्थानीय किसान
नुकसानदो बैल (आर्थिक क्षति)
प्रशासनिक मांगतत्काल आर्थिक सहायता

प्रशासन की चेतावनी: खराब मौसम में बरतें सावधानी

लगातार बढ़ रही आकाशीय बिजली की घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन और मौसम विभाग ने आम जनता के लिए अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले खेतों, ऊंचे पेड़ों के नीचे और जंगल के सुनसान इलाकों में जाने से बचें। सुरक्षित आश्रय स्थल या पक्के मकानों के भीतर रहना ही ऐसे समय में जान बचाने का एकमात्र उपाय है।