बलौदाबाजार पुलिस की बड़ी कार्रवाई: नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार
बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार चौकी क्षेत्र से सामने आए एक गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक गौरव राय के कुशल मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने आरोपी आशीष निर्मलकर को बिलासपुर जिले के मेढ़रा गांव से धर दबोचा। इस कार्रवाई के दौरान 17 वर्षीय पीड़िता को भी सकुशल बरामद कर लिया गया है।
क्या था पूरा मामला?
घटना की शुरुआत 25 जून को हुई, जब 17 वर्षीय नाबालिग बालिका सुबह करीब 10 बजे अपने घर से अचानक लापता हो गई। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन सफलता न मिलने पर उन्होंने करहीबाजार पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| आरोपी का नाम | आशीष निर्मलकर (22 वर्ष) |
| अपराध का स्थान | मेढ़रा गांव, बिलासपुर |
| दर्ज धाराएं | BNS 87, 64(1) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 4 व 6 |
जांच और गिरफ्तारी की प्रक्रिया
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने विशेष टीम का गठन किया। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली सटीक जानकारी के आधार पर पुलिस बिलासपुर के संकरी थाना क्षेत्र के मेढ़रा गांव पहुंची। वहां एक किराए के मकान में आरोपी को पीड़िता के साथ पाया गया। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि आरोपी उसे बहला-फुसलाकर ले गया था और वहां उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
- सकुशल बरामदगी: पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पीड़िता को आरोपी के चंगुल से मुक्त कराया।
- कठोर धाराएं: पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामले में पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराएं जोड़ी गईं।
- न्यायिक हिरासत: पूछताछ में जुर्म कबूलने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक का सख्त संदेश
इस मामले पर बलौदाबाजार के एसपी गौरव राय ने स्पष्ट किया कि जिले में महिलाओं और नाबालिगों के प्रति होने वाले अपराधों को लेकर पुलिस ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अपराधी चाहे राज्य के किसी भी कोने में छिपा हो, पुलिस उसे कानून के शिकंजे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कार्रवाई ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था के प्रति पुलिस की सक्रियता को और अधिक मजबूत किया है।










