संभल के विकास को नई रफ्तार: सीएम योगी ने 569 करोड़ की सौगात के साथ विपक्ष पर साधा निशाना
संभल: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को संभल दौरे के दौरान जिले को 569 करोड़ रुपये की लागत वाली 66 विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। इस दौरान उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए पिछली सरकारों पर तीखा प्रहार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले संभल का नाम लेने से भी लोग कतराते थे, लेकिन आज यह जनपद अपनी प्राचीन संस्कृति और तेज विकास के कारण प्रदेश में नई पहचान बना रहा है।
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में पुरानी व्यवस्थाओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “क्या 2017 के पहले कोई संभल का नाम लेने की हिम्मत जुटा पाता था? उस दौर में एक तुर्क यहां आकर लोगों को अपमानित करता था। स्थानीय निवासियों को नीचा दिखाया जाता था और खुद को बाबर का वंशज बताकर भारत की अस्मिता को चुनौती दी जाती थी। लेकिन अब वह दौर बीत चुका है। अब संभल में किसी की तुर्कई नहीं, बल्कि हरिहर मंदिर की मर्यादा और आदेश का पालन होगा।”
विरासत का संरक्षण और धार्मिक स्थलों का पुनरुद्धार
योगी आदित्यनाथ ने संभल के ऐतिहासिक महत्व पर जोर देते हुए कहा कि 500 साल पहले विदेशी आक्रांताओं ने श्रीहरि विष्णु की इस पावन भूमि को अपवित्र किया था। उन्होंने हरिहर मंदिर को ध्वस्त कर 68 पवित्र तीर्थों और 19 कूपों पर कब्जा कर लिया था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि डबल इंजन सरकार ने इन सभी तीर्थों के पुनरुद्धार और कूपों के संरक्षण का बीड़ा उठाया है। साथ ही, 24 कोसीय परिक्रमा पथ के विकास के लिए भी पर्याप्त धनराशि जारी की गई है, जिससे अब इन स्थलों पर कोई अवैध कब्जा नहीं कर सकेगा।
| प्रमुख बिंदु | विवरण |
|---|---|
| कुल परियोजनाएं | 66 विकास कार्य |
| कुल बजट | 569 करोड़ रुपये |
| मुख्य फोकस | धार्मिक स्थल और विकास |
दंगामुक्त उत्तर प्रदेश और माफियाओं पर प्रहार
प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश दंगामुक्त हुआ है। कांवड़ यात्रा और धार्मिक आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने वालों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है। उन्होंने दावा किया कि आज दंगाइयों को कानून का खौफ है और प्रदेश में सुरक्षा का माहौल कायम है।
अवैध कब्जे से मुक्त भूमि गरीबों को समर्पित
मुख्यमंत्री ने संभल प्रशासन को निर्देश देते हुए कहा कि जिले में 10 हजार एकड़ से अधिक भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जमीन गरीबों, दलितों और समाज के वंचित वर्गों के कल्याण के लिए इस्तेमाल की जानी चाहिए। साथ ही, भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था बना रही है जिससे किसी की भी जमीन पर कोई अवैध कब्जा न कर सके। अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि संभल अब विकास की नई इबारत लिखने के लिए तैयार है।
- उत्तर प्रदेश की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- देश-दुनिया की अपडेट्स के लिए लल्लूराम डॉट कॉम के साथ जुड़े रहें









