Support: जयपुर में कलाकारों ने सब्जी बेचकर सोनम वांगचुक का किया समर्थन

राजधानी जयपुर में गुरुवार को एक बेहद अलग और प्रभावशाली नजारा देखने को मिला। मालवीय नगर स्थित 'करी लीफ कैफे' में 25 से अधिक कलाकारों ने एक साथ जुटकर शिक्षा सुधार के प्रणेता सोनम वांगचुक के आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जाहिर किया। 'रंगों से समर्थन' नाम से आयोजित इस लाइव पेंटिंग सेशन में कलाकारों…

जयपुर में कला के जरिए सोनम वांगचुक को मिला समर्थन, कलाकारों ने अनोखे अंदाज में उठाए गंभीर मुद्दे

राजधानी जयपुर में गुरुवार को एक बेहद अलग और प्रभावशाली नजारा देखने को मिला। मालवीय नगर स्थित ‘करी लीफ कैफे’ में 25 से अधिक कलाकारों ने एक साथ जुटकर शिक्षा सुधार के प्रणेता सोनम वांगचुक के आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जाहिर किया। ‘रंगों से समर्थन’ नाम से आयोजित इस लाइव पेंटिंग सेशन में कलाकारों ने अपनी तूलिका के माध्यम से भ्रष्टाचार, पेपर लीक और युवाओं के भविष्य जैसे ज्वलंत मुद्दों को कैनवास पर उकेरा।

कार्यक्रम में शामिल हर कलाकार ने अपने अनूठे नजरिए से सोनम वांगचुक के संघर्ष और उनकी शिक्षा सुधार की मुहिम को पेश किया। किसी ने वांगचुक को युवाओं की उम्मीद के प्रतीक के रूप में चित्रित किया, तो किसी ने पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था की वकालत करते हुए रंगों का सहारा लिया। इस आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में कला प्रेमी और सामाजिक कार्यकर्ता पहुंचे, जिन्होंने कलाकारों की इस रचनात्मक पहल की सराहना की।

सब्जी की तरह बिकते पेपर: व्यंग्य के जरिए किया तीखा प्रहार

इस आयोजन का सबसे आकर्षण का केंद्र एक कलाकार की व्यंग्यात्मक प्रस्तुति रही, जिसने मौके पर मौजूद लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। कलाकार ने एक सब्जी विक्रेता का रूप धारण किया था और वह आलू, प्याज व टमाटर की तरह ही सरकारी भर्ती परीक्षाओं के ‘पेपर’ बेचने का नाटक कर रहा था।

  • प्रतीकात्मक प्रदर्शन: हाथ में माइक लेकर विभिन्न भर्तियों के नाम पुकारते हुए पेपर की बोली लगाई गई।
  • तीखा कटाक्ष: यह प्रदर्शन राज्य में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और भ्रष्टाचार पर एक करारा तंज था।
  • संदेश: कला के जरिए यह बताने की कोशिश की गई कि कैसे शिक्षा का बाजारीकरण युवाओं के सपनों को बर्बाद कर रहा है।

कलाकारों ने समाज को दिया ‘जवाबदेही’ का संदेश

आयोजन के दौरान बनाई गई पेंटिंग्स में मुख्य रूप से शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और युवाओं के भविष्य को केंद्र में रखा गया। कलाकारों का स्पष्ट मानना था कि कला केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज में बदलाव लाने का एक सशक्त माध्यम है। इस दौरान प्रस्तुत की गई कृतियों का सार निम्नलिखित बिंदुओं में समझा जा सकता है:

मुद्दाकला का संदेश
पेपर लीकभ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े कानूनों की मांग।
शिक्षा व्यवस्थापारदर्शिता और सुधार की तत्काल आवश्यकता।
युवा भविष्यलाखों युवाओं के सपनों की सुरक्षा के लिए एकजुटता।

आयोजक विनीता ने बताया कि सोनम वांगचुक लंबे समय से भूख हड़ताल पर हैं और वे लगातार शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। कलाकारों ने तय किया कि वे रंगों के जरिए उनकी आवाज को जन-जन तक पहुंचाएंगे। यह आयोजन न केवल सोनम वांगचुक के प्रति एकजुटता का प्रतीक था, बल्कि यह संदेश भी था कि समाज के हर वर्ग को युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशील होना चाहिए।