दतिया उपचुनाव: कांग्रेस के लिए ‘संकटमोचक’ बने अवधेश नायक, दिग्विजय सिंह की माफी के बाद तेज हुई सियासी हलचल
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में सियासी पारा अपने चरम पर है। इस चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अवधेश नायक की नाराजगी पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। दतिया के चुनावी समीकरणों में नायक अब एक ऐसे केंद्र बिंदु बन गए हैं, जिन्हें साधने के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों ही एड़ी-चोटी का जोर लगा रही हैं।
दिग्विजय सिंह की सार्वजनिक माफी और डैमेज कंट्रोल
सोमवार को कांग्रेस की एक चुनावी सभा के दौरान उस समय सब हैरान रह गए, जब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मंच से एक बड़ी स्वीकारोक्ति की। दिग्विजय सिंह ने सार्वजनिक रूप से कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में अवधेश नायक का टिकट कटवाने में उनकी मुख्य भूमिका थी। उन्होंने मंच से ही नायक से माफी मांगते हुए कहा, “मैंने ही आपका टिकट नहीं होने दिया था, इसके लिए मैं आपसे माफी मांगता हूं।” राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कांग्रेस का एक सोची-समझी रणनीति के तहत किया गया डैमेज कंट्रोल है, ताकि चुनाव में पार्टी के भीतर कोई भी असंतोष भारी न पड़े।
दोनों दलों की सक्रियता: जीतू पटवारी और आशुतोष तिवारी की दौड़
अवधेश नायक को मनाने की कवायद केवल मंच तक सीमित नहीं है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी खुद नायक के घर पहुंचे और उनके साथ भोजन किया। वहीं, दूसरी ओर भाजपा भी पीछे नहीं है। सोमवार शाम भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी भी नायक के आवास पर पहुंचे। दोनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे दतिया की राजनीति में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।
सियासी समीकरण पर एक नज़र
| नेता | गतिविधि |
|---|---|
| दिग्विजय सिंह | मंच से टिकट कटवाने के लिए मांगी माफी |
| जीतू पटवारी | नायक के घर जाकर की मुलाकात और भोजन |
| आशुतोष तिवारी | बीजेपी प्रत्याशी ने घर पहुंचकर की चर्चा |
क्या है अवधेश नायक का रुख?
दैनिक भास्कर से फोन पर हुई बातचीत में अवधेश नायक ने वायरल तस्वीरों की पुष्टि की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों नेताओं का उनके पास आना चुनाव के समय में स्वाभाविक है। जब उनसे भाजपा में शामिल होने की संभावना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “अभी मैंने ऐसा कोई विचार नहीं बनाया है। मैं अपने कार्यकर्ताओं से लगातार चर्चा कर रहा हूं और उनकी राय ले रहा हूं।”
गौरतलब है कि अवधेश नायक का राजनीतिक करियर संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और भाजपा से ही शुरू हुआ था। यही कारण है कि भाजपा उनके पुराने रिश्तों को आधार बनाकर उन्हें वापस लाने की कोशिश में जुटी है। फिलहाल, दतिया का यह उपचुनाव अवधेश नायक के अगले कदम पर टिका हुआ है, जो चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।









