मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना: कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह सख्त हो गया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने योजना की धीमी गति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य से जुड़ी इस योजना में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए सख्त निर्देश
बैठक के दौरान जिला कलेक्टर ने बैंकवार और विभागवार लंबित आवेदनों का बारीकी से विश्लेषण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन बैंकों में प्रगति संतोषजनक नहीं है, वहां के जिला समन्वयक व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करें और लंबित फाइलों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि पात्र युवाओं को समय पर ऋण उपलब्ध कराना बैंकों और संबंधित विभागों की प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक के मुख्य बिंदु और निर्देश
- योजना की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में है, जिसका उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
- कार्यवाही की चेतावनी: अगली समीक्षा बैठक तक प्रगति में सुधार न होने पर संबंधित अधिकारियों और समन्वयकों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- समन्वय पर जोर: बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जिला उद्योग केंद्र के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर लक्ष्य के अनुरूप ऋण स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाएं।
- समयबद्ध निस्तारण: सभी लंबित आवेदनों का निस्तारण एक तय समय सीमा के भीतर करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि युवाओं को योजना का लाभ तुरंत मिल सके।
समीक्षा बैठक का विवरण
| विषय | अधिकारी/विभाग |
|---|---|
| बैठक की अध्यक्षता | जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ |
| प्रमुख उपस्थित अधिकारी | महाप्रबंधक (जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र), अग्रणी जिला प्रबंधक |
| मुख्य उद्देश्य | स्वरोजगार योजना की प्रगति और लंबित बैंक ऋणों की समीक्षा |
बैठक में महाप्रबंधक जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र शंभू सिंह रावत, अग्रणी जिला प्रबंधक महेश सिसोदिया सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि और जिला समन्वयक मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में योजना के लक्ष्यों को पूरा करने में किसी भी प्रकार की कोताही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी जवाबदेही तय की जाएगी।









