Cyber ठगी: नर्मदापुरम में रिटायर्ड पटवारी और शिक्षिका से लाखों की लूट

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में साइबर ठगी के दो सनसनीखेज मामले सामने आए हैं, जिसने आम लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शातिर ठगों ने एक तरफ जहां रिटायर्ड पटवारी को APK फाइल का झांसा देकर लाखों का चूना लगाया, वहीं दूसरी तरफ एक शिक्षिका को पति का दोस्त बताकर आर्थिक…

नर्मदापुरम में साइबर अपराधियों का आतंक: रिटायर्ड पटवारी और शिक्षिका से लाखों की ठगी

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में साइबर ठगी के दो सनसनीखेज मामले सामने आए हैं, जिसने आम लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शातिर ठगों ने एक तरफ जहां रिटायर्ड पटवारी को APK फाइल का झांसा देकर लाखों का चूना लगाया, वहीं दूसरी तरफ एक शिक्षिका को पति का दोस्त बताकर आर्थिक जाल में फंसा लिया। पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

APK फाइल डाउनलोड करना पड़ा महंगा, रिटायर्ड पटवारी के उड़े 2.91 लाख

पिपरिया के निवासी रिटायर्ड पटवारी नारायण ठाकुर साइबर ठगी के बड़े शिकार बने हैं। घटना 5 जुलाई की है, जब उनके व्हाट्सएप पर एक अनजान APK फाइल आई। जैसे ही उन्होंने इस फाइल को डाउनलोड किया, ठगों ने उनके मोबाइल का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद अपराधी ने उनके बैंक खाते से चार-पांच किस्तों में कुल 2.91 लाख रुपए पार कर दिए। पीड़ित को दो दिन बाद जब बैंक खाते से रकम कटने का पता चला, तो उनके होश उड़ गए। फिलहाल पिपरिया पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज कर दी है।

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पति का दोस्त बनकर शिक्षिका को बनाया निशाना

दूसरे मामले में नर्मदापुरम की एक निजी स्कूल की शिक्षिका साइबर ठगों की चतुराई का शिकार बनीं। ठग ने पहले शिक्षिका के पति संजय को कॉल किया और खुद को उनका पुराना दोस्त बताकर मदद मांगी। पति के पास एंड्रॉयड फोन न होने के कारण उन्होंने अपनी पत्नी का नंबर दे दिया। इसके बाद ठग ने शिक्षिका को फोन कर बहाना बनाया कि वह अस्पताल में भर्ती है और तकनीकी दिक्कतों के चलते पैसे नहीं भेज पा रहा है।

ठगी का ब्योरा इस प्रकार है:

विवरणराशि (रुपए में)
शिक्षिका के खाते से ट्रांसफर26,000
बेटी के खाते से ट्रांसफर19,000
कुल ठगी45,000

जब ठग ने और 1.80 लाख रुपए की मांग की, तब शिक्षिका को संदेह हुआ। पति से पुष्टि करने पर पता चला कि वह कोई दोस्त नहीं, बल्कि साइबर अपराधी था। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

पुलिस की आम जनता से विशेष अपील

कोतवाली थाना प्रभारी गौरव सिंह बुंदेला ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि साइबर ठग हर दिन नए तरीके अपना रहे हैं। पुलिस ने निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:

  • किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
  • किसी के भी कहने पर बिना पुष्टि किए ऑनलाइन बारकोड स्कैन न करें।
  • यदि आपके साथ साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि डिजिटल युग में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। अनजान कॉल्स और लिंक पर भरोसा करना आपकी मेहनत की कमाई को खतरे में डाल सकता है।