Tulsa लिफ्ट नहर में पानी छोड़ने की मांग, किसानों ने सौंपा ज्ञापन

भारतीय किसान संघ ने क्षेत्र में फसलों की सिंचाई के लिए पानी की गंभीर किल्लत को देखते हुए जल संसाधन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ के पदाधिकारियों ने विभाग के अधिशासी अभियंता (XEN) महेंद्र कुमार मीणा को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें तुलसा लिफ्ट सिंचाई परियोजना की नहर में तत्काल प्रभाव से…

तुलसा लिफ्ट सिंचाई परियोजना: धान की फसल बचाने के लिए किसानों ने खोला मोर्चा, विभाग को सौंपा ज्ञापन

भारतीय किसान संघ ने क्षेत्र में फसलों की सिंचाई के लिए पानी की गंभीर किल्लत को देखते हुए जल संसाधन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ के पदाधिकारियों ने विभाग के अधिशासी अभियंता (XEN) महेंद्र कुमार मीणा को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें तुलसा लिफ्ट सिंचाई परियोजना की नहर में तत्काल प्रभाव से पानी छोड़ने की पुरजोर मांग की गई है। किसानों का कहना है कि मानसून की बेरुखी के कारण उनकी धान की फसलें सूखने की कगार पर हैं और उन्हें बचाने के लिए नहर का पानी ही एकमात्र सहारा है।

दो दर्जन से अधिक गांवों की फसलें संकट में

जिला प्रचार प्रमुख बृजमोहन मेहता ने बताया कि यह ज्ञापन प्रांत अध्यक्ष शंकर लाल नागर और जिला उपाध्यक्ष बंसीलाल नागर के नेतृत्व में सौंपा गया। किसानों का कहना है कि तुलसा लिफ्ट परियोजना से लगभग दो दर्जन से अधिक गांवों के किसान सिंचाई के लिए जुड़े हुए हैं। बुवाई के बाद बारिश न होने से खेतों में दरारें पड़ गई हैं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

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संघ ने विभाग के सामने मुख्य मांगें और तर्क इस प्रकार रखे हैं:

  • पानी की उपलब्धता: परियोजना में पर्याप्त जल भंडार है, जो वर्तमान में ओवरफ्लो होकर व्यर्थ बह रहा है।
  • फसल संरक्षण: धान की फसल को सूखने से बचाने के लिए नहर में तत्काल पानी की आपूर्ति आवश्यक है।
  • संसाधन का सदुपयोग: व्यर्थ बह रहे पानी को नहरों के जरिए खेतों तक पहुंचाकर उसका सही उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

अधिशासी अभियंता ने दिया आश्वासन

ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए अधिशासी अभियंता महेंद्र कुमार मीणा ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने समस्या के समाधान के लिए निम्नलिखित कदम उठाने का आश्वासन दिया है:

मुद्दाविभाग का एक्शन प्लान
तकनीकी सुधारमोटर और स्टार्टर की जांच कर उन्हें तुरंत दुरुस्त किया जाएगा।
बैठकजल वितरण समिति के अध्यक्ष और सदस्यों के साथ 14 जुलाई को महत्वपूर्ण बैठक होगी।
सुरक्षा व्यवस्थानहर की देखरेख के लिए 4-5 गार्ड की तैनाती और बजट के लिए अधीक्षण अभियंता से चर्चा की जाएगी।

किसानों का भविष्य दांव पर

इस अवसर पर डाबरी नक्की निवासी हेमराज नागर, शाकिर मोहम्मद, धनराज पारेता, कौशल पारेता, मेघराज मीणा और दिनेश शर्मा सहित क्षेत्र के कई किसान मौजूद रहे। सभी किसानों ने एक स्वर में मांग की है कि यदि जल्द ही नहर में पानी नहीं छोड़ा गया, तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा। अब सभी की निगाहें 14 जुलाई को होने वाली बैठक और विभाग द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हैं।