Kedarnath Update: सावन के पहले दिन भी केदारनाथ यात्रा ठप, सुनसान पड़ा दरबार


उत्तराखंड में सक्रिय मानसून और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण चारधाम यात्रा पर संकट गहरा गया है। खराब मौसम और भूस्खलन की घटनाओं के चलते यात्रा लगातार तीसरे दिन भी ठप रही। केदारनाथ धाम की ओर जाने वाले पैदल मार्ग और मोटर मार्गों पर भारी मलबा और बोल्डर गिरने से सुरक्षा के मद्देनजर…

उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन से थमी चारधाम यात्रा, लगातार तीसरे दिन मार्ग बाधित

उत्तराखंड में सक्रिय मानसून और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण चारधाम यात्रा पर संकट गहरा गया है। खराब मौसम और भूस्खलन की घटनाओं के चलते यात्रा लगातार तीसरे दिन भी ठप रही। केदारनाथ धाम की ओर जाने वाले पैदल मार्ग और मोटर मार्गों पर भारी मलबा और बोल्डर गिरने से सुरक्षा के मद्देनजर आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

इन मार्गों पर है सबसे ज्यादा असर

लगातार बारिश के कारण रुद्रप्रयाग जिले में स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। यात्रा मार्ग पर आए अवरोधों की मुख्य स्थिति इस प्रकार है:

  • गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग: गौरीकुंड और छोड़ी क्षेत्र में भारी भूस्खलन और पहाड़ों से पत्थर गिरने के कारण रास्ता पूरी तरह बंद है।
  • सोनप्रयाग-गौरीकुंड मोटर मार्ग: मुंकटिया के पास पहाड़ी से बड़े बोल्डर गिरने से वाहनों का आवागमन बुरी तरह बाधित है।

मौसम विभाग का अलर्ट और प्रशासन की तैयारी

मौसम विभाग ने उत्तराखंड के अधिकांश जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, चम्पावत और पिथौरागढ़ समेत कई जनपदों में आकाशीय बिजली और तीव्र वर्षा की चेतावनी दी है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रहने और सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।

यात्रा बहाली पर संशय

माना जा रहा था कि गुरुवार को बद्री-केदार मंदिर समिति की बैठक में यात्रा को फिर से शुरू करने को लेकर कोई निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, खबर लिखे जाने तक मार्ग की खतरनाक स्थिति को देखते हुए यात्रा को बहाल करने के संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है और मौसम साफ होने के बाद ही मार्ग खोलने की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।


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