उत्तर प्रदेश में मानसून की सुस्ती: गर्मी और उमस से बेहाल हुए लोग, जानें कब तक मिलेगी राहत
देशभर में मानसून के सक्रिय होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में बारिश का जोर फिलहाल कम होता नजर आ रहा है। राज्य में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से एक बार फिर भीषण गर्मी और उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। चिलचिलाती धूप और उमस भरी परिस्थितियों के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हालांकि, मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ चुनिंदा इलाकों में बारिश की उम्मीद जताई है।
प्रदेश में बारिश का सिलसिला थमने से केवल आम लोग ही परेशान नहीं हैं, बल्कि इसका सबसे बुरा असर किसानों पर पड़ रहा है। मानसून के इस ठहराव के कारण कृषि कार्यों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों तक प्रदेश में व्यापक बारिश की संभावना काफी कम है, जिसके बाद मानसून के एक बार फिर सक्रिय होने के आसार जताए गए हैं।
किन जिलों में होगी बारिश?
मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कुछ हिस्सों के लिए अलर्ट जारी किया है। मुख्य रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में गरज-चमक के साथ फुहारें पड़ने की उम्मीद है। विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज कुछ इस प्रकार रह सकता है:
| प्रभावित क्षेत्र | संभावित मौसम |
|---|---|
| महराजगंज, संतकबीर नगर, कुशीनगर | गरज-चमक के साथ बारिश |
| देवरिया, गोरखपुर, बलरामपुर | हल्की से मध्यम बारिश |
18 जुलाई से बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि 18 और 19 जुलाई से उत्तर प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। आईएमडी ने 18 जुलाई से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल, किसानों और आम जनता को कुछ दिनों का और इंतजार करना होगा, क्योंकि मानसून की सक्रियता में समय लग सकता है।
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