सवाई माधोपुर में मानसून की बेरुखी: बारिश न होने से बढ़ी किसानों की चिंता और उमस का कहर
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में इस वर्ष मानसून की रफ्तार बेहद सुस्त बनी हुई है। लंबे समय से मानसून के निष्क्रिय रहने के कारण जिले में बारिश का आंकड़ा काफी नीचे आ गया है, जिससे न केवल आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि खेती-बाड़ी से जुड़े किसान भी गहरी चिंता में डूब गए हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 14 जुलाई तक जिले में औसत से काफी कम बारिश दर्ज की गई है।
आंकड़ों में बारिश की भारी कमी
जिले में मानसून की स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बारिश का स्तर नगण्य है। नीचे दी गई तालिका में स्थिति को स्पष्ट रूप से समझा जा सकता है:
| अवधि | औसत बारिश (मिमी) |
|---|---|
| 14 जुलाई 2023 तक | 407.90 मिमी |
| 14 जुलाई 2024 तक | 65.05 मिमी |
पिछले 24 घंटों में शून्य बारिश
जिले के सभी 20 रेनगेज सेंटरों पर पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश का सूखा रहा है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, निम्नलिखित क्षेत्रों में बारिश का आंकड़ा 00 मिमी दर्ज किया गया है:
- सवाई माधोपुर (मानटाउन और तहसील), खंडार, चौथ का बरवाड़ा, बामनवास, मलारना डूंगर।
- बौंली, मित्रपुरा, गंगापुर सिटी, वजीरपुर, तलावड़ा, बरनाला और भांवरा तहसील।
- प्रमुख जल स्रोत: ढील, मानसरोवर, देवपुरा, पांचोलास, मोरा सागर और भाड़ौती।
किसानों की उम्मीदों पर फिरा पानी
जिले के किसान खरीफ की फसल की बुवाई के लिए मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। पर्याप्त बारिश न होने के कारण खेतों में बुवाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। समय पर बारिश न होने से फसलों की बुवाई में देरी हो रही है, जिससे भविष्य में पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
तेज धूप और उमस से बेहाल लोग
बारिश की कमी का असर तापमान पर भी साफ देखा जा रहा है। आसमान में छिटपुट बादलों की मौजूदगी के बावजूद बारिश न होने से वातावरण में नमी बढ़ गई है। इसके चलते दिनभर तेज धूप और असहनीय उमस ने लोगों को परेशान कर रखा है। गर्मी और उमस के इस दोहरे वार से आमजन को राहत मिलने के कोई आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, जब तक मानसून सक्रिय नहीं होता, तब तक तापमान में बढ़ोतरी और उमस का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
