यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना और विंध्य एक्सप्रेसवे को मिली मंजूरी
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को संपन्न हुई उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के विकास और सामाजिक उत्थान से जुड़े कुल 16 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक में राज्य के आधारभूत ढांचे को मजबूती देने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं, जो आने वाले समय में प्रदेश की तस्वीर बदलने का काम करेंगे।
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना: मेधावी छात्राओं को मिलेगी सौगात
कैबिनेट का सबसे अहम निर्णय ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ को हरी झंडी देना रहा। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली प्रत्येक शिक्षण संस्थान की टॉप-5 प्रतिशत मेधावी छात्राओं को स्कूटी प्रदान की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्राओं के परिवार की सालाना आय 12 लाख रुपये से कम है, उन्हें इस योजना का विशेष लाभ मिलेगा। इसके तहत स्कूटी के पंजीकरण, बीमा और पांच लीटर पेट्रोल का खर्च भी राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। साथ ही, दिव्यांग, निराश्रित और शहीद परिवारों की बेटियों को प्राथमिकता के आधार पर लाभ दिया जाएगा।
शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम
नई शिक्षा नीति के कार्यान्वयन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कैबिनेट ने विश्वविद्यालयों में शोधपीठों की स्थापना को मंजूरी दी है। इसके अलावा, वाराणसी के बसंत महिला महाविद्यालय में छात्राओं की सुविधा के लिए एक नए महिला छात्रावास के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। 248.30 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस छात्रावास में 112 छात्राओं के रहने की क्षमता होगी, जिसे ‘त्वरित आर्थिक विकास योजना’ के तहत पूरा किया जाएगा।
विंध्य एक्सप्रेसवे: पूर्वांचल की बदलेगी तकदीर
प्रदेश में औद्योगिक विकास और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए योगी सरकार ने 333 किलोमीटर लंबे विंध्य एक्सप्रेसवे को स्वीकृति दी है। करीब 26,315 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह छह लेन का एक्सप्रेसवे प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों को आपस में जोड़ेगा। इस परियोजना को भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकता है और इसे 36 महीने की समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक एक्सप्रेसवे
कनेक्टिविटी को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 117 किलोमीटर लंबे विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक एक्सप्रेसवे को भी मंजूरी दे दी गई है। 9,039 करोड़ रुपये की इस परियोजना से गाजीपुर, मिर्जापुर और चंदौली जिले सीधे तौर पर जुड़ेंगे। सरकार का मानना है कि इन मेगा परियोजनाओं के पूरा होने से पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र में न केवल औद्योगिक निवेश बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
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