अखिलेश यादव का भाजपा सरकार पर तीखा हमला, कहा- युवाओं और किसानों के लिए सबसे बड़ा संकट बनी सरकार
लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया है कि मौजूदा शासनकाल में छात्र, युवा और किसान सबसे ज्यादा उपेक्षित और संकटग्रस्त हैं। अखिलेश ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के दानपात्र की सुरक्षा में सेंध का मुद्दा उठाते हुए सरकार की कार्यक्षमता पर सवाल उठाए और कहा कि जो सरकार मंदिर के दानपात्र को सुरक्षित नहीं रख सकती, उससे पेपर लीक जैसी गंभीर समस्याओं पर लगाम लगाने की उम्मीद बेमानी है।
युवाओं के भविष्य और आस्था से खिलवाड़ का आरोप
सपा प्रमुख ने भाजपा पर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। हाल ही में हुए छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल, आंसू गैस के गोले दागना और लाठीचार्ज करना सरकार की दमनकारी नीति को दर्शाता है। अखिलेश ने सरकार से सीधा सवाल किया कि आखिर किसके इशारे पर युवाओं पर बल प्रयोग किया गया और इसके लिए जवाबदेही किसकी तय होगी?
खाद संकट और किसानों की बदहाली पर घेराबंदी
अखिलेश यादव ने प्रदेश के किसानों की दयनीय स्थिति पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का किसान आज डीएपी और यूरिया जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए सहकारी समितियों के बाहर घंटों कतारों में खड़ा रहने को मजबूर है। सपा प्रमुख के अनुसार:
- प्रदेश में खाद की भारी किल्लत है और कालाबाजारी चरम पर है।
- सरकार जमीनी हकीकत से दूर केवल कागजी आंकड़ों के सहारे अपनी पीठ थपथपा रही है।
- भाजपा शासन में हर फसल सीजन के दौरान किसानों को खाद के संकट का सामना करना पड़ रहा है।
- युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है, जिससे उनमें भारी आक्रोश है।
उन्होंने अंत में कहा कि भाजपा की जनविरोधी नीतियों के कारण प्रदेश का हर वर्ग परेशान है और सरकार इन बुनियादी समस्याओं को हल करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
