ICICI बैंक का शानदार प्रदर्शन: जून तिमाही में मुनाफा 15.95% बढ़कर 14,804 करोड़ के पार
निजी क्षेत्र के दिग्गज बैंक, ICICI बैंक लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक ने सालाना आधार पर अपने स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में 15.95% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है, जिसके बाद मुनाफा बढ़कर 14,804.5 करोड़ रुपए के स्तर पर पहुंच गया है।
बैंक का यह तिमाही परिणाम बाजार विशेषज्ञों के अनुमानों से काफी बेहतर रहा है। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में भी 12.7% की मजबूत वार्षिक बढ़ोतरी देखी गई, जो 24,384.35 करोड़ रुपए रही।
बाजार के अनुमानों को पीछे छोड़ा
CNBC-TV18 के एनालिस्ट पोल में बाजार को उम्मीद थी कि बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम 9% की वृद्धि के साथ 23,689 करोड़ रुपए रहेगी। वहीं, नेट प्रॉफिट में 7% की बढ़ोतरी का अनुमान जताते हुए इसे 13,616 करोड़ रुपए रहने की संभावना जताई गई थी। बैंक ने इन तमाम अनुमानों को मात देते हुए शानदार नतीजे पेश किए हैं।
मार्जिन और एसेट क्वालिटी में सुधार
जून तिमाही के दौरान बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में सालाना और तिमाही, दोनों आधार पर सुधार दर्ज किया गया है। बैंक का NIM इस तिमाही में 4.36% रहा, जबकि मार्च तिमाही में यह 4.32% और पिछले साल की समान अवधि में 4.34% था। बैंक की एसेट क्वालिटी में भी निरंतर मजबूती देखी जा रही है।
लोन बुक और डिपॉजिट में 14% की ग्रोथ
30 जून 2026 तक बैंक के कारोबार का विवरण निम्नलिखित है:
| पैरामीटर | वृद्धि/आंकड़ा |
|---|---|
| कुल लोन पोर्टफोलियो | 19.6% की वृद्धि (16,31,260 करोड़ रुपए) |
| कुल डिपॉजिट | 14% की वृद्धि (18,33,586 करोड़ रुपए) |
| औसत डिपॉजिट | 14% की वृद्धि (17,48,028 करोड़ रुपए) |
| औसत CASA रेशियो | 38.1% |
NPA के मोर्चे पर राहत
बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार का अंदाजा ग्रॉस और नेट एनपीए के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। 30 जून 2026 तक बैंक का ग्रॉस एनपीए रेशियो घटकर 1.38% रह गया है, जो मार्च के अंत में 1.40% था। वहीं, नेट एनपीए रेशियो 0.35% दर्ज किया गया है, जो बैंक की वित्तीय स्थिति को और अधिक सुरक्षित बनाता है।
शेयर बाजार में बैंक का दबदबा
शुक्रवार के कारोबारी सत्र में ICICI बैंक के शेयर 1.84% की तेजी के साथ 1,444.3 रुपए पर बंद हुए। साल 2026 की शुरुआत से अब तक इस स्टॉक ने निवेशकों को 8.7% का रिटर्न दिया है। गौरतलब है कि इसी अवधि के दौरान निफ्टी 50 इंडेक्स में 6.9% की गिरावट आई है, जिससे साफ है कि बैंक ने मार्केट के मुकाबले काफी बेहतर प्रदर्शन किया है।
महत्वपूर्ण वित्तीय शब्दावली
- नेट इंटरेस्ट इनकम (NII): बैंक द्वारा लोन पर कमाए गए ब्याज और जमाकर्ताओं को दिए जाने वाले ब्याज के बीच का अंतर ही बैंक की मुख्य कमाई (NII) होती है।
- नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM): यह बैंक की लाभप्रदता का पैमाना है, जो ब्याज कमाने वाली संपत्तियों और चुकाए गए ब्याज के अंतर को प्रतिशत में दर्शाता है।
- नॉन परफॉर्मिंग एसेट (NPA): यदि कोई लोन 90 दिनों तक नहीं चुकाया जाता है, तो उसे आरबीआई के नियमों के तहत एनपीए यानी बैड लोन माना जाता है।
ये खबर भी पढ़ें…
HDFC बैंक का मुनाफा 5% बढ़कर 19,060 करोड़ रुपए: नेट इंटरेस्ट इनकम में 6.7% की बढ़ोतरी, नतीजे एक्सपर्ट्स के अनुमान से कम
HDFC बैंक लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं। बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 4.98% बढ़कर 19,059.72 करोड़ रुपए रहा, हालांकि यह बाजार के 19,332 करोड़ रुपए के अनुमान से कम रहा।
