टिकटॉक शॉप से चमकी किस्मत: पलकें नोचने की आदत से खड़ा हुआ 77 करोड़ का साम्राज्य
एक अजीब आदत को व्यापार में बदलने का अनोखा मामला सामने आया है, जहाँ डेजी केली ने अपनी पलकें नोचने की समस्या से निजात पाने के लिए बनाए गए सीरम से 77.30 करोड़ रुपये (60 लाख पाउंड) का सालाना टर्नओवर खड़ा कर दिया है। ‘ग्लो फॉर इट’ नाम की इस कंपनी की सफलता का मुख्य आधार टिकटॉक शॉप यूके और लाइव स्ट्रीमिंग है, जहाँ से कंपनी को 40% से अधिक रेवेन्यू प्राप्त होता है। यह उदाहरण दर्शाता है कि कैसे डिजिटल युग में लाइव शॉपिंग छोटे व्यवसायों के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो रही है।
लाइव शॉपिंग का बढ़ता क्रेज और रिटेल का नया भविष्य
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, लाइव शॉपिंग ग्राहकों को एक वास्तविक अनुभव प्रदान करती है। डेजी केली का कहना है कि एक 12 घंटे के टिकटॉक लाइव सेशन से कंपनी ने 1.29 करोड़ रुपये की कमाई की है। लाइव शॉपिंग के दौरान प्रेजेंटर सीधे ग्राहकों के सवालों का जवाब देते हैं, जिससे एक वर्चुअल स्टोर जैसा माहौल बनता है। आंकड़ों के अनुसार:
- टिकटॉक शॉप यूके में बिक्री सालाना 30% से अधिक बढ़ी है।
- यूके में अब रोजाना 6,000 से ज्यादा लाइवस्ट्रीम आयोजित किए जा रहे हैं।
- सैवी मार्केटिंग के सर्वे में 30% खरीदारों ने स्वीकार किया कि उन्होंने लाइव इवेंट्स के जरिए खरीदारी की है।
छोटे व्यापारियों के लिए वरदान साबित हो रहा है लाइव सेलिंग
केवल कॉस्मेटिक्स ही नहीं, बल्कि मांस विक्रेता और ज्वेलरी ब्रांड भी इस तकनीक का लाभ उठा रहे हैं। वॉल्वरहैम्प्टन के मांस विक्रेता मैनी मलिक ने बताया कि जो बिक्री उनकी दुकान पर 3-4 दिन में होती थी, वह अब तीन घंटे के लाइव सेशन में 10 लाख रुपये तक पहुँच गई है। इसी तरह, ‘एडोरिना’ ज्वेलरी ब्रांड की संस्थापक बुकेट सेविक ने लाइव सेलिंग के माध्यम से अपने ऑर्डर को प्रति माह 50 से बढ़ाकर प्रति हफ्ता 500 तक पहुँचा दिया है। यह प्लेटफॉर्म छोटे उद्यमियों को घर बैठे वैश्विक बाजार से जुड़ने का मौका दे रहा है।
चमक के पीछे छिपे जोखिम: डोपामाइन और खर्च की लत
लाइव शॉपिंग की सफलता के साथ ही विशेषज्ञों ने कुछ चिंताएं भी जाहिर की हैं। ‘मनी वेलनेस’ की रेबेका लैम्ब के अनुसार, लाइव शॉपिंग के दौरान ‘सोल्ड आउट’ या सीमित ऑफर का डर ग्राहकों में जुए जैसी उत्तेजना पैदा करता है। जेन-जी और जेन-वाई के 66% खरीदारों का मानना है कि वायरल प्रोडक्ट देखकर उनमें खरीदारी की इच्छा बढ़ जाती है। वन-टैप पेमेंट के कारण ग्राहकों को खर्च का सही अंदाजा नहीं हो पाता, जो वित्तीय अनुशासन के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
लाइव सेलिंग का गणित: कमीशन और लागत
लाइव शॉपिंग पूरी तरह मुफ्त नहीं है। प्लेटफॉर्म्स इस सुविधा के बदले विक्रेताओं से भारी कमीशन वसूलते हैं। टिकटॉक शॉप यूके 9% तक कमीशन लेती है, जबकि ईबे लाइव पर प्रोसेसिंग फीस के साथ यह 8.42% तक पहुँच जाती है। कुछ श्रेणियों में यह फीस 15% तक हो सकती है। हालांकि, विक्रेताओं का मानना है कि कम समय में अधिक बिक्री होने के कारण मार्जिन कम होने के बावजूद यह बिजनेस मॉडल मुनाफे का सौदा साबित हो रहा है।
