अडाणी पोर्ट्स के शानदार नतीजे: मुनाफा 10% बढ़ा, राजस्व में 19% का उछाल
अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए मजबूत वित्तीय परिणाम पेश किए हैं। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 10 फीसदी बढ़कर 3,650 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 3,311 करोड़ रुपये था। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर परिचालन प्रदर्शन के चलते कंपनी के राजस्व में भी 19 फीसदी की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो 9,126 करोड़ रुपये से बढ़कर 10,821 करोड़ रुपये हो गया है।
परिचालन मुनाफे में मजबूती
कंपनी के परिचालन लाभ (EBITDA) में भी 19 फीसदी की तेजी देखी गई है, जो 5,495 करोड़ रुपये से बढ़कर 6,541 करोड़ रुपये हो गया। इसके साथ ही, EBITDA मार्जिन में मामूली सुधार के साथ यह 60.4 फीसदी पर दर्ज किया गया है।
घरेलू कारोबार का दबदबा
अडाणी पोर्ट्स की ग्रोथ में घरेलू पोर्ट्स बिजनेस ने सबसे अहम भूमिका निभाई है। बेहतर कार्गो मिक्स और वॉल्यूम में बढ़ोतरी के कारण इस वर्टिकल के राजस्व में 12 फीसदी का इजाफा हुआ है। तिमाही के दौरान कंपनी ने 115.3 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) कार्गो हैंडल किया, जिसका EBITDA मार्जिन 74 फीसदी रहा, जो इंडस्ट्री में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
विस्तार की योजना और बाजार हिस्सेदारी
अडाणी पोर्ट्स वर्तमान में देश का सबसे बड़ा निजी पोर्ट ऑपरेटर है, जिसकी ऑल-इंडिया कार्गो मार्केट में 27.6 फीसदी और कंटेनर कार्गो मार्केट में 44.8 फीसदी हिस्सेदारी है। कंपनी अपने विस्तार के महत्वाकांक्षी लक्ष्य पर तेजी से काम कर रही है:
- वर्तमान क्षमता: 30 जून 2026 तक घरेलू पोर्ट क्षमता 653 MMT रही।
- लक्ष्य: दिसंबर 2030 तक क्षमता को 1,000 MMT तक पहुंचाना।
- नेटवर्क: कंपनी के पास वर्तमान में 15 पोर्ट्स और टर्मिनल हैं, जो देश की कुल पोर्ट क्षमता का लगभग 25 फीसदी प्रतिनिधित्व करते हैं।
बाजार की प्रतिक्रिया
बेहतरीन नतीजों के बावजूद, 29 जुलाई को कंपनी के शेयरों में दबाव देखा गया। दोपहर के सत्र में अडाणी पोर्ट्स का शेयर 2.25 फीसदी की गिरावट के साथ 1,734.70 रुपये पर कारोबार करता दिखा। दिलचस्प बात यह है कि व्यापक बाजार (सेंसेक्स-निफ्टी) में तेजी के रुख के विपरीत अडाणी पोर्ट्स के शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा।
कंपनी का प्रोफाइल
गौतम अडाणी द्वारा 1998 में स्थापित अडाणी पोर्ट्स आज एंड-टू-एंड लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में एक दिग्गज कंपनी बन चुकी है। वर्तमान में इसके नेतृत्व की कमान मैनेजिंग डायरेक्टर करण अडाणी और सीईओ अश्वनी गुप्ता के हाथों में है। कंपनी की सफलता में इसकी सहायक इकाई ‘अडाणी लॉजिस्टिक्स लिमिटेड’ का भी बड़ा योगदान है।
