शेयर बाजार में भारी सुस्ती: सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट, ऑटो और मेटल शेयरों पर दबाव
भारतीय शेयर बाजार के लिए 24 जुलाई 2026 का दिन निराशाजनक रहा। बाजार में जारी बिकवाली के दबाव के बीच बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 331 अंक फिसलकर 76,059 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 102 अंक की गिरावट के साथ 23,767 पर सिमट गया। आज के कारोबार में सबसे ज्यादा सुस्ती ऑटो, मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में देखने को मिली, जिससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई चिंता
वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव का असर कमोडिटी बाजार पर साफ दिख रहा है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 96 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहा गतिरोध और गहराता है, तो कच्चे तेल के दाम 120 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक जा सकते हैं। इस उछाल का सीधा असर भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ने की आशंका है, जो महंगाई को और हवा दे सकता है।
एशियाई बाजारों में भी बिकवाली का दौर
भारतीय बाजारों की तरह ही एशियाई बाजारों में भी आज मंदी का माहौल रहा। प्रमुख सूचकांकों में आई गिरावट इस प्रकार रही:
- कोस्पी (साउथ कोरिया): 6691 के स्तर पर, 5.72% की भारी गिरावट।
- निक्केई (जापान): 64611 के स्तर पर, 2.73% की गिरावट।
- हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग): 24963 के स्तर पर, 0.98% की गिरावट।
अमेरिकी बाजार के संकेत और विदेशी निवेशकों का रुख
बीते सत्र यानी 23 जुलाई को अमेरिकी बाजार भी दबाव में रहे, जिसका असर वैश्विक स्तर पर महसूस किया गया। डाउ जोन्स 0.97%, नैस्डैक 2.15% और S&P 500 में 1.21% की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, भारतीय बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली भी जारी है। पिछले 7 दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो FIIs ने 3,289 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को संभालने का प्रयास करते हुए 3,184 करोड़ रुपये की लिवाली की है।
बाजार का हाल: कल का रुझान
लगातार दूसरे दिन भारतीय बाजार में कमजोरी देखी गई है। 23 जुलाई को भी बाजार लाल निशान में बंद हुआ था, जहां सेंसेक्स 364 अंक गिरकर 76,391 पर और निफ्टी 127 अंक टूटकर 23,870 पर बंद हुआ था। बाजार के जानकारों का कहना है कि वर्तमान में वैश्विक अनिश्चितताएं और FIIs की बिकवाली बाजार पर हावी है, जिससे निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
नोट: FIIs और DIIs की ओर से की गई खरीद-बिक्री के आंकड़े करोड़ रुपये में दिए गए हैं। निवेश से पहले बाजार के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखें।










