सावन में घर पर शिवलिंग स्थापित करने के नियम: इन बातों का रखें विशेष ध्यान
धर्म डेस्क: हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। इस वर्ष सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक रहेगा। यह पूरा समय देवाधिदेव महादेव की भक्ति और आराधना के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। सावन के दौरान आने वाले सोमवार का विशेष महत्व होता है। कई श्रद्धालु इस पावन महीने में घर पर शिवलिंग स्थापित कर विधि-विधान से पूजा करना पसंद करते हैं। हालांकि, शास्त्रों के अनुसार घर में शिवलिंग की स्थापना के कुछ कड़े नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य है, अन्यथा पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।
घर में शिवलिंग स्थापना के महत्वपूर्ण नियम
यदि आप भी इस सावन अपने घर में शिवलिंग स्थापित करने की योजना बना रहे हैं, तो नीचे दिए गए नियमों का पालन अवश्य करें:
- शिवलिंग का आकार: घर के मंदिर में कभी भी बहुत बड़े शिवलिंग की स्थापना नहीं करनी चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, अंगूठे के आकार का शिवलिंग घर के लिए सबसे उत्तम माना गया है। छोटा शिवलिंग घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और इसकी दैनिक पूजा करना भी सरल होता है।
- शिव परिवार की उपस्थिति: घर में कभी भी अकेले शिवलिंग को स्थापित न करें। शिवलिंग के साथ भगवान शिव के पूरे परिवार यानी माता पार्वती, गणेश जी और कार्तिकेय की मूर्ति या फोटो अवश्य रखें। शिव परिवार की पूजा से घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है।
- जलधारा की व्यवस्था: शिवलिंग पर जल चढ़ाना अनिवार्य है। इसलिए, शिवलिंग के ऊपर अभिषेक पात्र (जलधारा) की व्यवस्था जरूर करें। इससे शिवलिंग से निकलने वाली ऊर्जा संतुलित रहती है और घर का वातावरण शुद्ध बना रहता है।
- सही दिशा का चयन: शिवलिंग की स्थापना करते समय दिशा का विशेष ध्यान रखें। शिवलिंग को इस प्रकार रखें कि उसका जलाभिषेक करने के बाद जलधारा हमेशा उत्तर दिशा की ओर प्रवाहित हो। यह दिशा अत्यंत शुभ मानी गई है।
- एक ही शिवलिंग रखें: शास्त्रों के अनुसार, घर में कभी भी एक से अधिक शिवलिंग नहीं रखने चाहिए। केवल एक ही शिवलिंग की नियमित पूजा करना अधिक फलदायी और शुभ माना जाता है।
- नियमित पूजा और सामग्री: घर में स्थापित शिवलिंग की रोजाना पूजा करना आवश्यक है। सावन के महीने में प्रतिदिन शुद्ध जल, बेलपत्र, धतूरा, अक्षत और फल अर्पित करके भगवान शिव का ध्यान करना चाहिए। इससे भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
सावन के सोमवार का महत्व
इस वर्ष सावन के दौरान कुल 4 सोमवार पड़ रहे हैं, जो शिव भक्तों के लिए अत्यंत सौभाग्यशाली हैं। इन दिनों में व्रत रखने और पूरी निष्ठा के साथ भगवान शिव की आराधना करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है।
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| सावन अवधि | 30 जुलाई से 28 अगस्त तक |
| कुल सोमवार | 4 |
| महत्वपूर्ण पूजा सामग्री | बेलपत्र, धतूरा, जल, अक्षत |
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