Sawan 2026: राहु के बुरे प्रभाव से मुक्ति पाने के लिए सावन में करें यह उपाय


सावन 2026 के पावन महीने में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस माह में विधि-विधान से महादेव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। ज्योतिष शास्त्र के जानकारों का मानना है कि सावन के दौरान शिवलिंग पर विशेष सामग्रियों का अर्पण करने…

सावन 2026 के पावन महीने में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस माह में विधि-विधान से महादेव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। ज्योतिष शास्त्र के जानकारों का मानना है कि सावन के दौरान शिवलिंग पर विशेष सामग्रियों का अर्पण करने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि कुंडली के कठिन ग्रह दोषों से भी मुक्ति प्राप्त होती है। विशेष रूप से काला तिल अर्पित करना इस माह में अत्यंत फलदायी माना गया है।

सावन में शिवलिंग पर काला तिल अर्पित करने का महत्व

भगवान शिव को ‘महाकाल’ के रूप में पूजा जाता है, जो काल और ग्रहों के स्वामी हैं। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से, यदि किसी जातक की कुंडली में राहु या शनि की महादशा या अंतर्दशा चल रही हो, तो सावन का महीना इन कष्टों को दूर करने का सबसे उत्तम समय होता है। शास्त्रों में उल्लेख है कि सावन के पवित्र दिनों में शिवलिंग पर प्रतिदिन काले तिल चढ़ाने से राहु के नकारात्मक प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगते हैं।

इसके अतिरिक्त, काले तिल का प्रयोग शनि देव की क्रूर दृष्टि से बचने के लिए भी किया जाता है। नियमित रूप से शिवलिंग पर तिल अर्पित करने और शिव मंत्रों का जाप करने से जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। यह उपाय न केवल दोषों का निवारण करता है, बल्कि महादेव की असीम कृपा भी सुनिश्चित करता है।

सावन सोमवार 2026 की महत्वपूर्ण तिथियां

सावन के सोमवार का व्रत शिव भक्तों के लिए विशेष पुण्यदायी होता है। वर्ष 2026 में सावन सोमवार की तिथियां निम्नलिखित हैं:

  • पहला सावन सोमवार: 3 अगस्त 2026
  • दूसरा सावन सोमवार: 10 अगस्त 2026
  • तीसरा सावन सोमवार: 17 अगस्त 2026
  • चौथा सावन सोमवार: 24 अगस्त 2026

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय परंपराओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी प्रदान करना है। किसी भी उपाय को अपनाने से पहले विशेषज्ञों या धर्मगुरुओं से परामर्श अवश्य लें।

लेखक: वरुण कुमार

वरुण कुमार पत्रकारिता के क्षेत्र में पांच वर्षों का अनुभव रखते हैं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में डिग्री प्राप्त की है। प्रभासाक्षी और एबीपी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य करने के बाद, वे वर्तमान में TV9 डिजिटल की धर्म टीम के साथ जुड़कर आध्यात्मिक और धार्मिक विषयों पर सटीक जानकारी पाठकों तक पहुंचा रहे हैं।


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