हाड़ौती के किसानों को बड़ी राहत: भंवरासा बांध से नहरों में छोड़ा गया पानी
राजस्थान के हाड़ौती अंचल में लंबे समय से जारी मानसून की बेरुखी ने किसानों की नींद उड़ा दी थी, लेकिन अब उन्हें बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री के त्वरित हस्तक्षेप और स्पष्ट निर्देशों के बाद भंवरासा बांध से हरिश्चंद्र सागर परियोजना की नहरों में पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। इस कदम से खानपुर, सांगोद और पनवाड़ क्षेत्र में सूखने की कगार पर खड़ी धान की फसलों को नया जीवनदान मिलने की उम्मीद जगी है।
फसलों पर मंडरा रहा था संकट, सक्रिय हुए ऊर्जा मंत्री
लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण खेतों में नमी खत्म हो गई थी और मिट्टी में दरारें पड़ने लगी थीं। क्षेत्र के किसानों के लिए उनकी मेहनत और लागत दोनों पर पानी फिरने का खतरा पैदा हो गया था। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने सीधे मुख्यमंत्री से संपर्क साधा। उन्होंने मुख्यमंत्री को क्षेत्र की जमीनी हकीकत से रूबरू कराया और बताया कि यदि समय रहते पानी नहीं मिला, तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
प्रशासनिक तत्परता और जल प्रवाह की स्थिति
मुख्यमंत्री से हरी झंडी मिलते ही जल संसाधन विभाग ने युद्ध स्तर पर काम शुरू किया। विभाग के प्रमुख सचिव अभय कुमार ने उच्च स्तरीय समीक्षा के बाद नहरों में पानी छोड़ने के औपचारिक आदेश जारी किए। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि पानी को नहरों के अंतिम छोर तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
- प्रभावित क्षेत्र: खानपुर, सांगोद और पनवाड़।
- मुख्य स्रोत: भंवरासा बांध।
- परियोजना: हरिश्चंद्र सागर परियोजना।
- उद्देश्य: सूखती धान की फसलों को बचाना।
किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है सरकार: हीरालाल नागर
इस राहत कार्य पर प्रतिक्रिया देते हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह से अन्नदाता के साथ खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संकट की इस घड़ी में किसी भी किसान की मेहनत को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। विभागीय अधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पानी के वितरण में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। नहरों में पानी छोड़े जाने से किसानों में खुशी का माहौल है और उन्हें अपनी फसल के बेहतर होने की उम्मीद है।
