Digital बेरोजगारी भत्ता: अब AI से होगी निगरानी, फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम

अब बेरोजगार भत्ते के नाम पर होने वाले फर्जी आवेदनों, गलत तरीके से हाजिरी लगाने और अपात्र लोगों द्वारा लाभ उठाने के मामलों पर पूरी तरह लगाम लगेगी। सरकार ने भत्ते की आवेदन प्रक्रिया से लेकर सत्यापन और भुगतान तक की पूरी व्यवस्था को अब दो चरणों में ऑनलाइन कर दिया है। इस नई प्रणाली…

बेरोजगारी भत्ते में अब नहीं चलेगा फर्जीवाड़ा: सरकार ने लागू की नई ऑनलाइन व्यवस्था

अब बेरोजगार भत्ते के नाम पर होने वाले फर्जी आवेदनों, गलत तरीके से हाजिरी लगाने और अपात्र लोगों द्वारा लाभ उठाने के मामलों पर पूरी तरह लगाम लगेगी। सरकार ने भत्ते की आवेदन प्रक्रिया से लेकर सत्यापन और भुगतान तक की पूरी व्यवस्था को अब दो चरणों में ऑनलाइन कर दिया है। इस नई प्रणाली में जनाधार डेटा के मिलान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जाएगा, जिससे योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सकेगी।

EEMS 2.0 पोर्टल: धांधली पर लगेगी लगाम

बेरोजगारी भत्ते की प्रक्रिया को त्रुटिहीन बनाने के लिए सरकार ने EEMS 2.0 (एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल लॉन्च किया है। यह पोर्टल पूरी तरह से आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से लैस है, जिसका मुख्य उद्देश्य केवल वास्तविक और योग्य शिक्षित बेरोजगारों तक ही सरकारी मदद पहुंचाना है।

नई व्यवस्था की प्रमुख विशेषताएं

  • जनाधार मैपिंग: आवेदन करते ही आवेदक का डेटा सीधे जनाधार से जुड़ जाएगा, जिससे एक ही परिवार के कई सदस्यों द्वारा गलत लाभ लेने की गुंजाइश खत्म हो गई है।
  • ऑनलाइन उपस्थिति: इंटर्नशिप करने वाले युवाओं की अब ऑफलाइन हाजिरी नहीं होगी। संबंधित विभाग के अधिकारी या स्कूल प्रिंसिपल अपनी SSO आईडी के जरिए ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करेंगे।
  • मोबाइल ऐप: युवाओं की सुविधा के लिए विशेष मोबाइल ऐप जारी किया गया है, जिससे वे घर बैठे सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

टू-स्टेप वेरिफिकेशन और पात्रता में बदलाव

अब भत्ते की मंजूरी दो चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में संबंधित विभाग का अधिकृत कर्मचारी प्राथमिक जांच करेगा, जिसके बाद फाइल जिला रोजगार कार्यालय के उपनिदेशक के पास जाएगी। अंतिम सत्यापन के बाद ही भत्ता स्वीकृत होगा। साथ ही, अब 21 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद ही युवा इस योजना के पात्र माने जाएंगे।

अधिकारियों का रुख और लंबित भत्ते पर अपडेट

जिला रोजगार अधिकारी दयानंद यादव के अनुसार, EEMS 2.0 के माध्यम से AI आधारित मॉनिटरिंग और SSO मैपिंग का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। पोर्टल में तकनीकी बदलाव और सिस्टम अपडेट के चलते पिछले चार महीनों से करीब 6 हजार युवाओं का भत्ता रुका हुआ था। अब नई प्रणाली के सुचारू होते ही लंबित भत्ते के भुगतान की प्रक्रिया को जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

प्रक्रिया का चरण विवरण
प्राथमिक सत्यापन संबंधित विभाग के अधिकृत कर्मचारी द्वारा जांच
अंतिम सत्यापन जिला रोजगार कार्यालय द्वारा मंजूरी
पात्रता न्यूनतम आयु 21 वर्ष अनिवार्य

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