उदयपुर: बिजली विभाग की लापरवाही के खिलाफ सरपंच का अनोखा विरोध, 3.5 घंटे पोल पर डटे रहे
उदयपुर जिले के गोगुंदा स्थित भूताला गांव में बिजली विभाग की घोर लापरवाही के चलते एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बुधवार शाम करीब 7 बजे गांव के पास से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन लाइन का तार अचानक टूटकर पास के तालाब में जा गिरा। गनीमत रही कि हादसे के वक्त तालाब के किनारे खड़ी एक मासूम बच्ची बाल-बाल बच गई। इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और भूताला के सरपंच मोहन सिंह राजपूत ने विरोध स्वरूप बिजली के पोल पर चढ़कर करीब साढ़े तीन घंटे तक डेरा डाल दिया।
सरपंच का विरोध और प्रशासन की नींद
घटना के बाद मौके पर पहुंचे लाइनमैन ने जब अधिकारियों के आदेश का हवाला देते हुए लाइन शिफ्ट करने से इनकार किया, तो ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। अपनी मांग पर अड़े सरपंच मोहन सिंह ने स्वयं पोल पर चढ़कर प्रशासन को चुनौती दी। उन्होंने साफ कर दिया कि जब तक जिम्मेदार अधिकारी मौके पर आकर लाइन को दूसरी जगह शिफ्ट करने का लिखित आश्वासन नहीं देते, वे नीचे नहीं उतरेंगे।
- शाम 7 बजे से रात 10:30 बजे तक सरपंच पोल पर डटे रहे।
- घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग के एईएन और जेईएन मौके पर पहुंचे।
- अधिकारियों द्वारा लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही सरपंच पोल से नीचे उतरे।
सालों से लंबित है समस्या, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों का आरोप है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि सालों से बनी हुई है। सरपंच मोहन सिंह ने बताया कि उन्होंने पूर्व जिला कलेक्टर की रात्रि चौपाल में भी इस हाईटेंशन लाइन को हटाने के लिए लिखित शिकायत दी थी, लेकिन विभाग ने आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा था।
स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस लाइन को शिफ्ट करने का काम शुरू नहीं किया गया, तो पूरा गांव बिजली विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन शुरू करेगा। फिलहाल, लिखित आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य है, लेकिन ग्रामीणों में विभाग की कार्यशैली को लेकर गहरा रोष व्याप्त है।
