Rain के लिए मेंढक-मेंढकी की अनोखी शादी, धूमधाम से निकली बारात

राजस्थान में मानसून की बेरुखी और भीषण गर्मी से परेशान लोगों ने अब ईश्वर को मनाने के लिए एक अनूठा रास्ता अपनाया है। बांसवाड़ा जिले में अच्छी बारिश की कामना के लिए मेंढक और मेंढकी की शादी का आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल चर्चा का विषय बना, बल्कि इसमें स्थानीय परंपराओं का पूरी…

राजस्थान में इंद्रदेव को मनाने का अनोखा तरीका: बांसवाड़ा में मेंढक-मेंढकी का विवाह

राजस्थान में मानसून की बेरुखी और भीषण गर्मी से परेशान लोगों ने अब ईश्वर को मनाने के लिए एक अनूठा रास्ता अपनाया है। बांसवाड़ा जिले में अच्छी बारिश की कामना के लिए मेंढक और मेंढकी की शादी का आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल चर्चा का विषय बना, बल्कि इसमें स्थानीय परंपराओं का पूरी श्रद्धा के साथ पालन भी किया गया। शहर के डेगली माता चौक क्षेत्र में ‘क्रांतिकारी तरुण मंच’ के सहयोग से इस विवाह को संपन्न कराया गया।

वैदिक रीति-रिवाजों से संपन्न हुआ विवाह

इस विवाह समारोह को किसी आम शादी की तरह ही भव्य रूप दिया गया। मेंढक को दूल्हे की तरह पारंपरिक पोशाक पहनाई गई, जबकि मेंढकी को खूबसूरत लहंगे और गहनों से सजाया गया। आयोजन में शामिल मुख्य बिंदुओं को नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:

रस्म का नाम विवरण
निमंत्रण शहर भर में बाकायदा शादी के कार्ड बांटे गए।
रस्में हल्दी, मेहंदी और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ फेरे।
बारात ढोल-नगाड़ों की थाप पर शहर के मुख्य मार्गों से निकली बारात।
विदाई शादी के बाद मेंढकी की विदाई रस्म भी पूरी की गई।

किसानों की चिंता और परंपरा का निर्वहन

क्रांतिकारी तरुण मंच के पदाधिकारी सतीश आचार्य ने बताया कि राज्य में लंबे समय से बारिश न होने के कारण किसान वर्ग बेहद चिंतित है। खेतों में फसलें सूख रही हैं और पानी की भारी किल्लत पैदा हो गई है। किसानों ने महंगे बीज बोए हैं, लेकिन बारिश न होने से सब कुछ दांव पर लगा है। उन्होंने कहा, “इतनी भीषण गर्मी में पानी की आवश्यकता को देखते हुए हमने अपनी सालों पुरानी परंपरा को जीवंत किया है, ताकि इंद्रदेव प्रसन्न हों और अच्छी बारिश हो।”

शहरभर में उत्सव का माहौल

  • बारात का मार्ग: डेगली माता चौक से शुरू होकर बारात गणेश मंदिर और आजाद चौक से होते हुए वापस स्थल पर पहुंची।
  • जनभागीदारी: इस अनूठे विवाह को देखने के लिए शहर के कोने-कोने से बड़ी संख्या में लोग जुटे।
  • प्रसाद वितरण: विवाह संपन्न होने के बाद लोगों में मिठाइयां बांटी गईं और अच्छी बारिश के लिए प्रार्थना की गई।

मान्यता है कि मेंढक-मेंढकी का विवाह कराने से वर्षा के देवता प्रसन्न होते हैं और क्षेत्र में अच्छी बारिश होती है। बांसवाड़ा के लोगों की यह आस्था अब पूरे प्रदेश में चर्चा का केंद्र बनी हुई है, जहां हर कोई अब बस अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठा है।


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