प्रतापगढ़: सोनम वांगचुक के समर्थन में सड़कों पर उतरे बीपीवीएम कार्यकर्ता, राष्ट्रपति से लगाई न्याय की गुहार
राजस्थान के प्रतापगढ़ में मंगलवार को भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा (बीपीवीएम) ने लद्दाख के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में एक सशक्त प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय पर आयोजित इस पैदल मार्च में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का आह्वान किया। हाथों में तिरंगा थामे कार्यकर्ताओं ने शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पक्ष में अपनी आवाज बुलंद की।
जंतर-मंतर की घटना पर उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
प्रदर्शन के समापन पर बीपीवीएम के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से देश की महामहिम राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक और उनके साथियों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। संगठन का स्पष्ट मानना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक भारतीय नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और इस तरह की कार्रवाई लोकतंत्र की मूल भावना के विपरीत है।
- सोनम वांगचुक और प्रदर्शनकारियों के साथ हुई घटना की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
- शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने वाले नागरिकों के अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन मिले।
- लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को किसी भी स्थिति में बाधित न होने दिया जाए।
भविष्य में नागरिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम जरूरी
ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने केंद्र सरकार से यह अपील की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। बीपीवीएम का कहना है कि संविधान द्वारा प्रदत्त नागरिक अधिकारों का सम्मान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई है कि राष्ट्रपति कार्यालय इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेगा और संविधान की मर्यादा को बनाए रखते हुए न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
यह पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में देश के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने की वकालत की। भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा द्वारा उठाया गया यह कदम देश भर में नागरिक अधिकारों को लेकर चल रही बहस के बीच प्रतापगढ़ के युवाओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
