सोनम वांगचुक की हिरासत के बाद सीकर में भड़का आक्रोश, अमित शाह का पुतला फूंका
दिल्ली में जारी धरने के दौरान प्रसिद्ध शिक्षाविद सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा जबरन हिरासत में लिए जाने के बाद देश भर में विरोध की लहर दौड़ गई है। इसी कड़ी में शनिवार को सीकर में स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। गुस्साए छात्रों ने ढाका भवन से कल्याण सर्किल तक गृह मंत्री अमित शाह की शवयात्रा निकाली और बाद में कल्याण सर्किल पर उनका पुतला फूंककर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
छात्रों ने पुलिस कार्रवाई को बताया दमनकारी
SFI के विजेंद्र ढाका ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से दिल्ली में शांतिपूर्ण तरीके से भूख हड़ताल कर रहे थे। उनकी प्रमुख मांगों में NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) को भंग करना और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शामिल था। ढाका ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने न केवल वांगचुक को जबरन हिरासत में लिया, बल्कि वहां मौजूद अन्य छात्र-छात्राओं के साथ भी बदसलूकी की, जो पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है।
आंदोलन की अगली रणनीति: 20 जुलाई को होगा दिल्ली कूच
छात्र संगठन ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार की दमनकारी नीतियों के आगे वे झुकने वाले नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों ने अपनी आगामी योजनाओं के बारे में जानकारी दी है:
- संसद मार्च: आगामी 20 जुलाई को दिल्ली में प्रस्तावित संसद मार्च में सीकर से बड़ी संख्या में छात्र शामिल होंगे।
- मांग पर अडिग: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होने तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
- सरकार को चेतावनी: छात्रों ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी जायज मांगों को नहीं माना, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
| प्रमुख मांगें | विरोध का कारण |
|---|---|
| NTA को भंग करना | सोनम वांगचुक को जबरन हिरासत में लेना |
| शिक्षा मंत्री का इस्तीफा | प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ बदसलूकी |
सीकर में हुए इस प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि देशभर के छात्र इस मुद्दे पर एकजुट हैं और वे सरकार की कार्यप्रणाली से बेहद नाराज हैं। आने वाले दिनों में दिल्ली में होने वाला संसद मार्च सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।










