भीलवाड़ा के निजी अस्पताल में बड़ी लापरवाही: ऑक्सीजन पाइप लगाना भूले स्टाफ, मरीज की मौत पर हंगामा
राजस्थान के भीलवाड़ा शहर से एक बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। भीमगंज थाना क्षेत्र स्थित रामस्नेही अस्पताल में मंगलवार की रात इलाज के दौरान एक मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। उनका दावा है कि अस्पताल स्टाफ की एक छोटी सी भूल ने मरीज की जान ले ली।
क्या है पूरा मामला?
मृतक की पहचान रायला निवासी घीसू लाल मेघवंशी (52) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद घीसू लाल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनके सिर का ऑपरेशन हुआ था और वे रिकवरी की प्रक्रिया में थे।
| घटना का विवरण | विवरण |
|---|---|
| मृतक का नाम | घीसू लाल मेघवंशी (52 वर्ष) |
| स्थान | रामस्नेही अस्पताल, भीलवाड़ा |
| आरोप | आईसीयू में वेंटिलेटर पाइप नहीं जोड़ना |
ऑक्सीजन पाइप न लगाने से बिगड़ी तबीयत
मृतक के भांजे गौतम मेघवंशी ने बताया कि मंगलवार देर रात भामाशाह योजना से संबंधित कागजी कार्रवाई पूरी करने के लिए मरीज को आईसीयू से नीचे काउंटर पर लाया गया था। प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब घीसू लाल को वापस आईसीयू में शिफ्ट किया गया, तो वहां मौजूद ड्यूटी स्टाफ वेंटिलेटर की ऑक्सीजन पाइप जोड़ना ही भूल गया।
- पाइप न जुड़े होने के कारण मरीज को सांस लेने में दिक्कत होने लगी।
- परिजनों ने तत्काल स्टाफ को सूचित किया, लेकिन वे काफी देर से पहुंचे।
- समय पर ऑक्सीजन न मिलने से मरीज ने दम तोड़ दिया।
पुलिस की मौजूदगी में हुआ समझौता
मरीज की मौत की खबर सुनते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना मिलते ही भीमगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को शांत कराने की कोशिश की। अस्पताल प्रबंधन ने जब अपनी गलती स्वीकार की, तब जाकर परिजनों का गुस्सा शांत हुआ।
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार सुबह महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में शव का पोस्टमार्टम करवाया और अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
