Bharatpur: क्रिकेट सचिव पर खिलाड़ी से छेड़छाड़ का आरोप, सचिव ने नकारा

भरतपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के गलियारों में उस समय हड़कंप मच गया, जब एसोसिएशन के सचिव शत्रुघ्न तिवारी के खिलाफ एक महिला खिलाड़ी ने अश्लील हरकत और छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया। पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपी सचिव ने न केवल उसके साथ बदसलूकी की, बल्कि भविष्य में गंभीर परिणाम…

भरतपुर क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव पर गंभीर आरोप: महिला खिलाड़ी ने दर्ज कराया छेड़छाड़ का मामला

भरतपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के गलियारों में उस समय हड़कंप मच गया, जब एसोसिएशन के सचिव शत्रुघ्न तिवारी के खिलाफ एक महिला खिलाड़ी ने अश्लील हरकत और छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया। पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपी सचिव ने न केवल उसके साथ बदसलूकी की, बल्कि भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी है। इस मामले ने पूरे खेल जगत को झकझोर कर रख दिया है।

चेंजिंग रूम में हुई घिनौनी हरकत

पीड़िता ने पुलिस को दी गई रिपोर्ट में विस्तार से बताया कि घटना उस समय हुई जब वह चेंजिंग रूम में मौजूद थी। आरोपी शत्रुघ्न तिवारी ने उसे अकेला पाकर मौका देख अश्लील हरकत शुरू कर दी। खिलाड़ी ने जब इस हरकत का विरोध करते हुए शोर मचाने की कोशिश की, तो आरोपी ने उसका मुंह दबा दिया। पीड़िता का आरोप है कि सचिव ने उसे धमकी दी कि यदि वह अपना करियर बचाना चाहती है और आगे मैच खेलना चाहती है, तो उसे उनकी बात माननी होगी।

  • घटना का खुलासा: शोर मचाने पर आरोपी ने मुंह दबाया और धमकी दी।
  • बचाव: दूसरी खिलाड़ी के आने पर आरोपी ने उसे छोड़ा।
  • दबाव: ‘ऊपर तक पहुंच’ का हवाला देकर मुंह बंद रखने को कहा।

डर के साये में खिलाड़ी ने छोड़ा क्रिकेट

इस खौफनाक घटना के बाद पीड़िता बुरी तरह टूट गई। आरोपी की धमकियों और ‘ऊपर तक पहुंच’ के डर से उसने क्रिकेट खेलना ही बंद कर दिया है। पीड़ित खिलाड़ी ने रोते हुए बाहर निकलने के बाद वहां कार्यरत एक अन्य महिला कर्मचारी को अपनी आपबीती सुनाई थी, जिसके बाद अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है।

आरोपी सचिव ने आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश

दूसरी ओर, भरतपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव शत्रुघ्न तिवारी ने अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए अपना पक्ष रखा है:

आरोपी का तर्क मुख्य बिंदु
राजनीतिक मंशा RCA चुनाव के कारण छवि खराब करने की कोशिश।
देरी पर सवाल 2024 की घटना की FIR 2 साल बाद दर्ज कराना संदिग्ध।
पुराना इतिहास पहले भी लगाए गए आरोपों की जांच में वे बेगुनाह साबित हुए थे।

तिवारी ने दावा किया कि उन्हें आगामी RCA चुनावों से दूर रखने के लिए यह फर्जी मामला बनाया गया है। फिलहाल, पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।


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