रायगढ़ में भव्य रथयात्रा: वैदिक मंत्रोच्चार के साथ निकले महाप्रभु जगन्नाथ
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में रियासतकालीन परंपरा के अनुसार भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का भव्य आगाज हो गया है। यहां दो दिवसीय रथयात्रा उत्सव मनाने की पुरानी परंपरा है। गुरुवार को भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मंदिर के गर्भगृह से बाहर निकले और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रथ पर विराजमान हुए। इस अलौकिक दृश्य को देखने के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा।
महाप्रभु का रथ विमला माता मंदिर, मानक माता और मां समलेश्वरी मंदिर के समीप मोतीमहल प्रांगण तक लाया गया। हल्की बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। शहर के साथ-साथ दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में भक्त भगवान के दर्शन के लिए पहुंचे और सुख-समृद्धि की कामना की।
मेले जैसा माहौल और रथयात्रा का महत्व
रायगढ़ की सीमा ओड़िशा से सटी होने के कारण यहां रथयात्रा का विशेष सांस्कृतिक महत्व है। हर साल की तरह इस बार भी रथयात्रा स्थल किसी मेले से कम नहीं लग रहा था। बच्चों के लिए लगाए गए झूलों और विभिन्न स्टॉल्स ने पूरे वातावरण को उत्सव के रंग में रंग दिया। रथयात्रा के दूसरे दिन यानी शुक्रवार शाम को प्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा भव्य शोभायात्रा के साथ अपनी ‘गुंडिचा मौसी’ के घर प्रस्थान करेंगे।
सुरक्षा और यातायात प्रबंधन
रथयात्रा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से राजापारा क्षेत्र में जवानों की तैनाती की गई है। भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
| व्यवस्था का प्रकार | विवरण |
|---|---|
| सुरक्षा | राजपारा क्षेत्र में पुलिस बल तैनात |
| यातायात | चार पहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित |
शहर के विभिन्न मोहल्लों में गूंजेगा जयकारा
रायगढ़ में रथयात्रा का उत्सव केवल मुख्य मंदिर तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर के कई मोहल्लों में भी इसका आयोजन किया जा रहा है। गुरुवार को कसेर पारा में रथयात्रा निकाली गई, जिसके बाद अब अन्य क्षेत्रों में भी उत्साह देखा जा रहा है:
- चक्रधर नगर और केवड़ाबाड़ी क्षेत्र।
- बोइरदादर और हंडी चौक।
- बेलादुला समेत कई अन्य मोहल्ले।
शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी रथयात्रा की धूम कई दिनों तक जारी रहेगी, जहां भक्त पूरी श्रद्धा के साथ महाप्रभु का स्वागत करेंगे।
