भीलवाड़ा में प्रसूताओं की मौत पर आक्रोश: सर्व समाज ने न्याय के लिए निकाली पदयात्रा
राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित महात्मा गांधी हॉस्पिटल में प्रसूताओं की असमय हुई मौतों ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है। इस दुखद घटना के विरोध में शुक्रवार की शाम सर्व समाज के बैनर तले एक विशाल पदयात्रा निकाली गई। भीमगंज थाना क्षेत्र से शुरू हुई यह पदयात्रा श्री चारभुजानाथ बड़ा मंदिर तक पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने हाथों में तख्तियां और पर्चे लेकर अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन
पदयात्रा में शामिल लोगों का गुस्सा शहर के मुख्य बाजारों में साफ नजर आया। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। लोगों का कहना है कि लगातार हो रही इन मौतों ने चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदर्शनकारियों ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं:
- घटना की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
- जिम्मेदार अधिकारियों और दोषियों की जवाबदेही तय की जाए।
- पीड़ित परिवारों को शीघ्र न्याय और उचित मुआवजा मिले।
- भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस सुरक्षा व्यवस्था लागू हो।
भगवान के चरणों में लगाई न्याय की गुहार
पदयात्रा का समापन श्री चारभुजानाथ बड़ा मंदिर में हुआ, जहां समाज के लोगों ने सामूहिक प्रार्थना की। इस दौरान भगवान के चरणों में एक विशेष प्रार्थना पत्र अर्पित किया गया, जिसमें प्रशासन को सद्बुद्धि देने और मामले का सच सामने लाने की विनती की गई। समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा और सत्य के प्रति समर्पण के लिए है।
आंदोलन में शामिल प्रमुख लोग
इस शांतिपूर्ण जनआंदोलन में भीलवाड़ा के विभिन्न वर्गों के लोग एकजुट दिखे। इस दौरान उपस्थित प्रमुख लोगों की सूची नीचे दी गई है:
| नाम | नाम |
|---|---|
| रितेश गुर्जर | पवन त्रिपाठी |
| राघव कोठारी | रवि पंडित |
| जीतू गुर्जर | सिद्धार्थ पाराशर |
| लोकेश खटीक | राजेंद्र सिंह |
| विजेश खटीक | मोनू सेन |
समाज के प्रबुद्ध जनों ने चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होती और पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलता, तब तक यह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाने की मांग की है ताकि आमजन का भरोसा चिकित्सा व्यवस्था पर बना रहे।










