क्या चातुर्मास के दौरान नया घर खरीदना शुभ है? जानें ज्योतिषीय नियम
हिंदू धर्म में चातुर्मास का समय अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया है। चार महीनों की इस अवधि को ‘चौमासा’ के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसे देवताओं का शयनकाल कहा जाता है, जिसकी शुरुआत आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी से होती है और समापन कार्तिक मास की देवउठनी एकादशी पर होता है।
इस वर्ष देवशयनी एकादशी 25 जुलाई को है, जिससे चातुर्मास का आरंभ होगा और 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी के साथ इसका समापन होगा। चूंकि इस अवधि में भगवान विष्णु विश्राम की अवस्था में होते हैं, इसलिए विवाह, सगाई, मुंडन, नामकरण और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों पर रोक लगा दी जाती है। इन चार महीनों को विशेष रूप से जप, तप और साधना के लिए उत्तम माना गया है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या इस दौरान नया घर खरीदना उचित है?
चातुर्मास में संपत्ति खरीदने पर क्या कहता है ज्योतिष?
ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चातुर्मास में गृह प्रवेश निषेध होने के बावजूद, नया घर खरीदने पर कोई रोक नहीं है। यदि आप कोई संपत्ति खरीदना चाहते हैं, तो इन चार महीनों में भी बेझिझक आगे बढ़ सकते हैं।
- प्रॉपर्टी बुकिंग: आप चातुर्मास के दौरान अपनी पसंद की प्रॉपर्टी बुक कर सकते हैं।
- रजिस्ट्री और डील: घर की रजिस्ट्री करवाने या किसी भी प्रकार की वित्तीय डील को अंतिम रूप देने में कोई बाधा नहीं है।
- सावधानी: सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि घर भले ही इस दौरान खरीद लें, लेकिन इसमें गृह प्रवेश न करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि चातुर्मास के दौरान नए घर में प्रवेश करना अशुभ फल दे सकता है, जिससे जीवन में अनावश्यक परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए, घर की खरीद प्रक्रिया पूरी करके रखें और गृह प्रवेश का कार्यक्रम देवउठनी एकादशी के बाद ही तय करें।
चातुर्मास का आध्यात्मिक महत्व
चातुर्मास का समय केवल मांगलिक कार्यों के रुकने का नाम नहीं है, बल्कि यह आत्म-चिंतन और संयम का काल है। सनातन, जैन और बौद्ध परंपराओं में इस समय का विशेष महत्व बताया गया है। इन चार महीनों का उद्देश्य सांसारिक भागदौड़ से हटकर स्वयं के भीतर अनुशासन और भक्ति का भाव विकसित करना होता है।
| कार्य का प्रकार | चातुर्मास में स्थिति |
|---|---|
| नया घर खरीदना | अनुमत (शुभ) |
| प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री | अनुमत (शुभ) |
| गृह प्रवेश | वर्जित |
| विवाह-मुंडन | वर्जित |
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और धार्मिक आधार पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है।









