Health Update: प्रसूताओं को दी जाने वाली सभी दवाएं जांच में सुरक्षित।

बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की मौत के मामले में चल रही जांच ने एक नया मोड़ ले लिया है। अस्पताल में उपयोग की जाने वाली दवाओं और इंजेक्शनों की गुणवत्ता को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच, औषधि परीक्षण प्रयोगशाला से आई रिपोर्टों ने राहत की सांस दी है। अब तक जांच…

बीकानेर पीबीएम अस्पताल मामला: दवाओं की जांच में बड़ी राहत, 23 सैंपल पास

बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की मौत के मामले में चल रही जांच ने एक नया मोड़ ले लिया है। अस्पताल में उपयोग की जाने वाली दवाओं और इंजेक्शनों की गुणवत्ता को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच, औषधि परीक्षण प्रयोगशाला से आई रिपोर्टों ने राहत की सांस दी है। अब तक जांच के लिए भेजे गए कुल सैंपलों में से अधिकांश को मानकों के अनुरूप पाया गया है।

असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर देवेंद्र केदावत ने जानकारी दी है कि जयपुर स्थित ड्रग टेस्टिंग लेबोरेटरी (DTL) से बुधवार को 11 और सैंपलों की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इन सभी रिपोर्टों में दवाओं की गुणवत्ता को पूरी तरह से सही पाया गया है। इससे पहले भी जांच के लिए भेजे गए सैंपलों के परिणाम संतोषजनक रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि दवाओं में कोई बड़ी खामी नहीं थी।

ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन और जांच की वर्तमान स्थिति

इस मामले में सबसे अधिक चिंता का विषय ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की गुणवत्ता को लेकर था, लेकिन प्रयोगशाला की रिपोर्ट में इसे भी सुरक्षित और मानक के अनुरूप पाया गया है। वर्तमान स्थिति को नीचे दी गई तालिका से समझा जा सकता है:

विवरणसंख्या
कुल भेजे गए सैंपल32
अब तक पास हुए सैंपल23
शेष रिपोर्ट आना बाकी9

शेष 9 सैंपलों की गहन जांच की प्रक्रिया जारी है। इनमें से कुछ सैंपलों का परीक्षण जयपुर में हो रहा है, जबकि बाकी नमूनों को कोलकाता स्थित सेंट्रल ड्रग लेबोरेटरी भेजा गया है। इन अंतिम रिपोर्टों के आने के बाद ही इस मामले में दवाओं की भूमिका पर पूरी तरह से पर्दा उठ पाएगा।

क्या ऑपरेशन थियेटर में इंफेक्शन है कारण?

दवाओं के सैंपल पास होने के बाद अब चिकित्सा जगत में एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि यदि दवाएं सही थीं, तो प्रसूताओं की किडनी फेल होने जैसी गंभीर स्थिति क्यों पैदा हुई? विशेषज्ञों का मानना है कि अब जांच का केंद्र दवाओं से हटकर अस्पताल के बुनियादी ढांचे पर आ गया है।

  • राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल और अधीक्षक को एसओपी (SOP) के संबंध में तलब किया था।
  • संभावना जताई जा रही है कि ऑपरेशन थियेटर में एसओपी का पालन न होने के कारण संक्रमण फैला हो सकता है।
  • प्रशासन अब अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर की स्वच्छता और प्रोटोकॉल की कड़ी समीक्षा कर रहा है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, सरकार भी इस बात पर गौर कर रही है कि कहीं न कहीं अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही और प्रोटोकॉल की अनदेखी ही प्रसूताओं की बिगड़ी तबीयत का मुख्य कारण तो नहीं है। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही इस त्रासदी के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।