Sehore: भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, गूंजे जयकारे

मध्य प्रदेश के सीहोर शहर में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा पूरी भव्यता के साथ संपन्न हुई। यह आयोजन पुरी की जगन्नाथ यात्रा की तर्ज पर किया गया, जिसने पूरे शहर को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया। जगदीश मंदिर परमार क्षत्रिय समाज ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस यात्रा में हजारों की संख्या…

सीहोर में भक्ति का सैलाब: पुरी की तर्ज पर निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा

मध्य प्रदेश के सीहोर शहर में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा पूरी भव्यता के साथ संपन्न हुई। यह आयोजन पुरी की जगन्नाथ यात्रा की तर्ज पर किया गया, जिसने पूरे शहर को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया। जगदीश मंदिर परमार क्षत्रिय समाज ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। भक्त भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथ को रस्सियों से खींचकर स्वयं को धन्य मानते हुए नजर आए। इस दौरान पूरे शहर में ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष से वातावरण गूंज उठा।

अतिथियों का स्वागत और महाआरती का आयोजन

रथ यात्रा के शुभारंभ से पूर्व जगदीश मंदिर परिसर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रमुख रूप से कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा, संत दुर्गाप्रसाद कटारे, कैबिनेट मंत्री करण सिंह वर्मा, मंत्री इंदर सिंह परमार, विधायक सुदेश राय, नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर समेत कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। समाज के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। मंदिर में भगवान की महाआरती और विशेष पूजा-अर्चना के साथ रथ यात्रा के मुख्य पड़ाव की शुरुआत हुई।

रथ यात्रा का मार्ग और भव्य स्वागत

सजा-धजा रथ छावनी स्थित जगदीश मंदिर से रवाना होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। यात्रा के मार्ग का विवरण नीचे तालिका में दिया गया है:

क्रम संख्याप्रमुख पड़ाव
1जगदीश मंदिर, छावनी (प्रारंभ)
2नमक चौराहा
3बड़ा बाजार एवं कोतवाली चौराहा
4आनंद डेयरी चौराहा
5स्वर्णकार मांगलिक भवन (समापन)

यात्रा के दौरान सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं द्वारा जगह-जगह श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की गई। भीषण गर्मी को देखते हुए कई स्थानों पर शीतल पेय और प्रसादी की व्यवस्था की गई थी। दिल्ली से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से यात्रा में चार चांद लगा दिए और लोगों का मन मोह लिया।

पंडित प्रदीप मिश्रा ने दिया भाईचारे का संदेश

इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान जगन्नाथ की यह रथ यात्रा सनातन धर्म की एकता, प्रेम और आपसी भाईचारे का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ सभी के कल्याण के देवता हैं और उनकी असीम कृपा हर भक्त पर समान रूप से बरसती है।

  • भक्तिमय माहौल: भजन-कीर्तन और नृत्य से शहर गुंजायमान रहा।
  • सांस्कृतिक झलक: दिल्ली के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां।
  • जनसहभागिता: हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति।

पुरी की तर्ज पर निकली यह रथ यात्रा एक बार फिर सीहोर की समृद्ध धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक बनकर उभरी। पूरे शहर में भक्ति का ऐसा माहौल था कि हर कोई प्रभु की भक्ति में लीन नजर आया।