सतीश पूनिया का कांग्रेस पर तीखा हमला, राहुल-प्रियंका के ‘दोहरे चरित्र’ पर उठाए सवाल
राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया ने दिल्ली में संसद के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस आलाकमान पर कड़ा प्रहार किया है। पूनिया ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर राजस्थान की पिछली गहलोत सरकार के दौरान हुए कथित घोटालों और अपराधों पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं का व्यवहार केवल राजनीति से प्रेरित है और वे जनहित के मुद्दों पर गंभीर नहीं हैं।
पेपर लीक और महिला सुरक्षा पर राहुल-प्रियंका को घेरा
सतीश पूनिया ने राजस्थान की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए राहुल और प्रियंका गांधी से सीधे सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि जब राजस्थान में 17 बार पेपर लीक हुए और युवाओं ने हताशा में आत्महत्या जैसे कदम उठाए, तब राहुल गांधी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ कोई विरोध प्रदर्शन क्यों नहीं किया? उन्होंने आगे कहा:
- प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश में ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ का नारा दिया, लेकिन राजस्थान में गहलोत राज के दौरान प्रतिदिन 17 बलात्कार की घटनाएं होने के बावजूद वे एक बार भी पीड़ित परिवारों से मिलने नहीं आईं।
- राहुल और प्रियंका को राजनीति विरासत में मिली है, जबकि प्रह्लाद जोशी जैसे नेताओं ने अपनी मेहनत और तपस्या से यह मुकाम हासिल किया है।
- केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी पर की गई टिप्पणी से कांग्रेस नेताओं ने अपनी संकीर्ण मानसिकता का परिचय दिया है।
विपक्ष को ‘ट्रेनिंग’ की जरूरत
पूनिया ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी के नेताओं को एक जिम्मेदार विपक्ष की तरह काम करने के लिए प्रशिक्षण की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के दिमाग में केवल ‘कचरा’ भरा हुआ है, जिसके कारण वे सदन में ठोस मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय बहस को भटकाने का प्रयास करते हैं।
सांसद ने कहा, “विपक्ष का काम सरकार को आईना दिखाना और लोकतंत्र के मूल्यों की रक्षा करना होता है। कांग्रेस पहले सदन से भागती रही और अब जब वे सदन में आए भी हैं, तो जनहित से जुड़ी कोई ठोस बात नहीं कर रहे हैं। देश की जनता कांग्रेस के इस नकारात्मक चरित्र को बखूबी समझ चुकी है और उन्हें इस राजनीति से कुछ भी हासिल नहीं होगा।”
