टोंक में बोले सचिन पायलट: राजनीति में विरोध हो तो वैचारिक, व्यक्तिगत नहीं
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट शुक्रवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र टोंक के दौरे पर पहुंचे। जयपुर-कोटा नेशनल हाईवे स्थित सोहेला कट पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए पायलट ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के हालिया बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी। गौरतलब है कि राजस्थान विधानसभा के 75 वर्ष पूरे होने के कार्यक्रम में राजे ने कहा था कि राजनीति के कारण सामाजिक रिश्तों को खराब नहीं करना चाहिए।
इस पर पलटवार करते हुए पायलट ने कहा कि राजनीति में आचरण और भाषा की मर्यादा सर्वोपरि है। उन्होंने स्पष्ट किया, “मैं मानता हूं कि राजनीति में व्यक्ति को अपने व्यवहार से मिसाल पेश करनी चाहिए। यदि विरोध करना है, तो वह पूरे दमखम के साथ होना चाहिए, लेकिन वह विरोध सैद्धांतिक और वैचारिक आधार पर ही किया जाना चाहिए।” उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि आज की राजनीति में व्यक्तिगत टीका-टिप्पणी और सोशल मीडिया पर अमर्यादित भाषा का चलन बढ़ गया है, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।
प्रदेश में ध्वस्त स्वास्थ्य व्यवस्था पर सरकार को घेरा
कोटा समेत प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में प्रसूताओं की मौतों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सचिन पायलट ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और इसकी जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है।
- जवाबदेही का अभाव: मौतों के बावजूद किसी बड़े अधिकारी पर कार्रवाई न होना सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
- गैर-जिम्मेदाराना रवैया: सरकार विज्ञापनों और अपनी तारीफों में व्यस्त है, जबकि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग ध्वस्त हो चुके हैं।
- निष्पक्ष जांच की मांग: पायलट ने मांग की कि मौतों के इन मामलों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
अन्य प्रमुख मुद्दों पर पायलट की बेबाक राय
टोंक दौरे के दौरान सचिन पायलट ने कई ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को निशाने पर लिया:
| मुद्दा | पायलट का रुख |
|---|---|
| पेपर लीक | शिक्षा प्रणाली को सुधारने के लिए राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी देशव्यापी मुहिम चला रही है। |
| सोनम वांगचुक | सरकार संवादहीनता छोड़ उनसे बातचीत करे, अन्यथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। |
| कर्मचारी ट्रांसफर | राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से किए जा रहे तबादले अनुचित हैं, इसके लिए स्पष्ट नीति होनी चाहिए। |
| एथनॉल नीति | सड़क निर्माण में किए गए अच्छे कार्यों पर एथनॉल का बोझ डालकर सरकार ने सब खराब कर दिया, मानसून सत्र में इसे उठाएंगे। |
अंत में, बीआरएस सुप्रीमो नरेश मीणा की जमानत खारिज होने के सवाल पर पायलट ने कहा कि हर किसी को न्यायपालिका का सम्मान करना चाहिए और व्यवस्था में भरोसा बनाए रखना चाहिए।
