Success: पाली के निशित ने यूरोप में जीता सिल्वर मेडल, भारत का नाम किया रोशन

राजस्थान के पाली शहर के सुभाष नगर के रहने वाले मेधावी छात्र निशित कालानी ने वैश्विक स्तर पर देश का मान बढ़ाया है। निशित ने यूरोप के लिथुआनिया की राजधानी विलनियस में आयोजित 37वें अंतरराष्ट्रीय बायोलॉजी ओलंपियाड (IBO-2026) में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए रजत पदक हासिल किया है। 12 से 19 जुलाई तक…

पाली के निशित कालानी ने अंतरराष्ट्रीय बायोलॉजी ओलंपियाड में जीता रजत पदक

राजस्थान के पाली शहर के सुभाष नगर के रहने वाले मेधावी छात्र निशित कालानी ने वैश्विक स्तर पर देश का मान बढ़ाया है। निशित ने यूरोप के लिथुआनिया की राजधानी विलनियस में आयोजित 37वें अंतरराष्ट्रीय बायोलॉजी ओलंपियाड (IBO-2026) में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए रजत पदक हासिल किया है। 12 से 19 जुलाई तक चली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में दुनिया भर के 78 देशों के कुल 307 होनहार छात्र शामिल हुए थे।

भारतीय टीम का शानदार प्रदर्शन

इस ओलंपियाड में भारतीय दल का प्रदर्शन बेहद सराहनीय रहा। भारतीय टीम ने कुल चार पदक जीतकर विश्व पटल पर भारत की शैक्षणिक क्षमता को साबित किया। प्रतियोगिता के परिणामों का विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:

पदक का नाम विजेता का नाम
स्वर्ण पदक भाव्या गुणवाल
रजत पदक निशित कालानी, सोमिल और अनमोल

कठिन चरणों से होकर गुजरी प्रतियोगिता

आईबीओ-2026 की परीक्षा दो अत्यंत चुनौतीपूर्ण चरणों में आयोजित की गई थी। छात्रों को अपनी योग्यता सिद्ध करने के लिए निम्नलिखित प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा:

  • प्रैक्टिकल लैब सेशन: इसमें छह घंटे का कठिन सत्र था, जिसमें आणविक जीवविज्ञान, जैव रसायन, पशु शरीर क्रिया विज्ञान, पशु आकारिकी एवं वर्गीकरण और पादप जीवविज्ञान जैसे जटिल विषयों को शामिल किया गया था।
  • थ्योरी परीक्षा: इसके अतिरिक्त, छात्रों को छह घंटे की गहन रिसर्च आधारित थ्योरी परीक्षा भी देनी पड़ी।

इस प्रतियोगिता में कुल 31 स्वर्ण, 61 रजत और 91 कांस्य पदक प्रदान किए गए, जिसमें निशित ने रजत पदक जीतकर अपनी जगह बनाई है।

प्रतिभा के धनी हैं निशित

निशित कालानी की सफलता का सफर प्रेरणादायक है। उनके पिता विकास कालानी एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) हैं और उनकी माता नीलम जाजू एक स्कूल प्राचार्य हैं। निशित न केवल बायोलॉजी में बल्कि अन्य वैज्ञानिक क्षेत्रों में भी माहिर हैं। इससे पूर्व, उन्होंने वर्ष 2025 में रोमानिया में आयोजित इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स ओलंपियाड में स्वर्ण पदक जीतकर पहले ही देश का नाम गौरवान्वित किया था।

निशित की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पाली जिले में हर्ष का माहौल है। स्थानीय शिक्षाविदों, विभिन्न सामाजिक संगठनों और शहर के गणमान्य नागरिकों ने निशित को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। निशित की यह उपलब्धि पाली के युवाओं के लिए प्रेरणा का एक नया अध्याय है।


Exit mobile version