डीडवाना: राजकीय बांगड़ कॉलेज में नशा मुक्ति पर विशेष व्याख्यान, युवाओं ने ली संकल्प की शपथ
डीडवाना स्थित राजकीय बांगड़ कॉलेज में युवाओं को नशे की लत से दूर रखने और जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। ‘नई किरण नशा मुक्ति केंद्र’ के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को नशे के गंभीर शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों से अवगत कराया। कार्यक्रम के समापन पर कॉलेज के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक शपथ ली।
नशे के खिलाफ मानसिक मजबूती जरूरी: डॉ. प्रियंका रुहेला
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता और मनोचिकित्सक डॉ. प्रियंका रुहेला ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को खोखला करता है, बल्कि पूरे परिवार के भविष्य को अंधकार में धकेल देता है। उन्होंने युवाओं को तनाव प्रबंधन के व्यावहारिक तरीके समझाते हुए कहा कि मानसिक रूप से सशक्त युवा ही नशे की ओर आकर्षित होने से बच सकते हैं। डॉ. रुहेला ने नशे की लत के शुरुआती लक्षणों को पहचानने और समय रहते उससे बाहर निकलने के उपायों पर भी विस्तृत चर्चा की।
युवाओं की जिम्मेदारी पर जोर
कार्यक्रम संयोजक छोटाराम मेघवाल ने समाज में तेजी से पैर पसार रही नशे की प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है, और यदि युवा पीढ़ी नशामुक्त रहती है, तभी एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज की कल्पना की जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे न केवल स्वयं को इससे दूर रखें, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने के लिए एक ‘एंबेसेडर’ की भूमिका निभाएं।
सशक्त समाज के लिए प्रिंसिपल की अपील
कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. मनीषा गोदारा ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की जागरूकता ही नशामुक्त समाज की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कॉलेज परिसर में इस प्रकार के जागरूकता अभियानों की निरंतरता पर जोर दिया ताकि छात्र समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझ सकें।
संकल्प के मुख्य बिंदु
- स्वयं किसी भी प्रकार के नशे का सेवन न करना।
- नशे के दुष्प्रभावों के बारे में परिजनों और मित्रों को जागरूक करना।
- नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सक्रिय सहयोग देना।
- तनावपूर्ण स्थितियों में नशे का सहारा लेने के बजाय सकारात्मक विकल्पों को चुनना।
