NABARD 45वां स्थापना दिवस: विकसित राजस्थान के लिए ग्रामीण सशक्तिकरण का संकल्प

जयपुर में सोमवार को नाबार्ड (NABARD) राजस्थान क्षेत्रीय कार्यालय ने अपना 45वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस गरिमामय समारोह में राज्य के ग्रामीण और कृषि विकास को नई दिशा देने पर चर्चा की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में आईएएस वी. श्रीनिवास और विशिष्ट अतिथि के तौर पर नाबार्ड के उप…

नाबार्ड ने मनाया 45वां स्थापना दिवस: राजस्थान के ग्रामीण विकास में निभाई अहम भूमिका

जयपुर में सोमवार को नाबार्ड (NABARD) राजस्थान क्षेत्रीय कार्यालय ने अपना 45वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस गरिमामय समारोह में राज्य के ग्रामीण और कृषि विकास को नई दिशा देने पर चर्चा की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में आईएएस वी. श्रीनिवास और विशिष्ट अतिथि के तौर पर नाबार्ड के उप प्रबंध निदेशक राकेश कश्यप उपस्थित रहे।

ग्रामीण विकास में नाबार्ड का योगदान

समारोह को संबोधित करते हुए नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक डॉ. आर. रवि बाबू ने राजस्थान के विकास में संस्था के प्रयासों को रेखांकित किया। मुख्य अतिथि वी. श्रीनिवास ने राज्य में ग्रामीण अवसंरचना को मजबूत करने में नाबार्ड के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 को संयुक्त राष्ट्र द्वारा “अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष” घोषित किया गया है, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त बनाने और समावेशी वित्तीय प्रणाली को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नाबार्ड भविष्य में भी प्रगतिशील राजस्थान के निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाता रहेगा।

नाबार्ड की रणनीतिक प्राथमिकताएं

उप प्रबंध निदेशक राकेश कश्यप ने बताया कि 1982 में स्थापित नाबार्ड लगातार भारत सरकार के ग्रामीण विकास के विजन के साथ मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने नाबार्ड द्वारा चलाई जा रही प्रमुख योजनाओं पर प्रकाश डाला, जो किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं:

  • किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी): छोटे और सीमांत किसानों को सस्ती ऋण सुविधा।
  • किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ): किसानों की सामूहिक शक्ति को बढ़ाना।
  • स्वयं सहायता समूह-बैंक लिंकेज (एसएचजी-बीएलपी): ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना।
  • जलवायु परिवर्तन: खेती को जलवायु-अनुकूल बनाने के लिए विशेष प्रयास।

उपलब्धियों का विमोचन और सम्मान समारोह

समारोह के दौरान नाबार्ड की प्रगति को दर्शाने वाले दो विशेष प्रकाशनों का विमोचन किया गया, जिनमें “नाबार्ड इन राजस्थान – अचीवमेंट्स 2025-26” और “ट्रांसफॉर्मिंग रूरल राजस्थान” शामिल हैं। इसके साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों, पैक्स और शिल्पकारों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जलवायु-अनुकूल खेती को बढ़ावा देने के लिए ‘जीवा’ (JIVA) परियोजनाओं के तहत अनुदान पत्र भी बांटे गए।

प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति

इस अवसर पर बैंकिंग और प्रशासनिक जगत के कई दिग्गज मौजूद रहे:

नामपद/विभाग
डॉ. समित शर्मा, आईएएससचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता विभाग
रंजीव शंकरक्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिजर्व बैंक
ओंकार नाथ चौधरीमुख्य महाप्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक
सुरिंदर पाल सिंहमुख्य महाप्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक
सुपरिमिता मिश्रामहाप्रबंधक, बैंक ऑफ बड़ौदा (एसएलबीसी संयोजक)

समारोह में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि और नाबार्ड का पूरा स्टाफ उपस्थित रहा, जिन्होंने ग्रामीण राजस्थान को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प दोहराया।