Warning: काम शुरू नहीं हुआ तो सस्पेंड कर दूंगा, सांसद ने अधिकारियों को लताड़ा

झुंझुनूं जिला परिषद में गुरुवार को आयोजित 'दिशा' (DISHA) की बैठक हंगामेदार रही। जिले के विभिन्न विकास कार्यों में हो रही देरी और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर जनप्रतिनिधियों का गुस्सा अधिकारियों पर फूट पड़ा। सांसद और विधायकों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से तीखे सवाल किए और कई मामलों में जवाब-तलब किया। बैठक के दौरान…

झुंझुनूं: ‘दिशा’ बैठक में अधिकारियों की कार्यशैली पर बरसे जनप्रतिनिधि, विकास कार्यों में लापरवाही पर जताई नाराजगी

झुंझुनूं जिला परिषद में गुरुवार को आयोजित ‘दिशा’ (DISHA) की बैठक हंगामेदार रही। जिले के विभिन्न विकास कार्यों में हो रही देरी और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर जनप्रतिनिधियों का गुस्सा अधिकारियों पर फूट पड़ा। सांसद और विधायकों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से तीखे सवाल किए और कई मामलों में जवाब-तलब किया। बैठक के दौरान अधिकारियों की तैयारियों में कमी साफ नजर आई, जिसे लेकर जनप्रतिनिधियों ने कड़ी आपत्ति जताई।

सांसद बृजेन्द्र ओला ने सूरजगढ़ बीडीओ को आड़े हाथों लेते हुए स्पष्ट कहा कि यदि आपके पास पूरी जानकारी नहीं थी, तो बैठक में आने का क्या औचित्य है? उन्होंने एसएफएस (SFS) फंड के उपयोग में बरती गई अनियमितताओं पर गंभीर सवाल उठाए। वहीं, झुंझुनूं बीडीओ को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि जब काम के लिए सामान उपलब्ध है, तो कार्य शुरू करने में देरी क्यों की जा रही है? उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि काम में तेजी नहीं आई, तो निलंबन जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मंजूर राशि लौटाने पर विधायकों ने जताई आपत्ति

विधायक रीटा चौधरी ने गांगीयासर के विकास कार्यों को लेकर बीडीओ और सीईओ को फटकार लगाई। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि राज्यसभा सांसद कोटे से राशि स्वीकृत होने के बावजूद काम शुरू नहीं किया गया और अब बजट वापस भेजने की बात कही जा रही है, जो पूरी तरह से अस्वीकार्य है।

स्वास्थ्य सेवाओं और वैक्सीनेशन पर मंथन

बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर स्थिति पर भी चर्चा हुई। पशुपालन विभाग में इंजेक्शन की कमी और एचपीवी (HPV) वैक्सीनेशन के धीमे लक्ष्य पर सांसद ने कड़ा रुख अपनाया। जिला कलेक्टर ने बताया कि भ्रांतियों के चलते टीकाकरण का लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है। वहीं, मीठवास स्वास्थ्य उप-केंद्र का मुद्दा उठाते हुए सांसद ने निर्देश दिए कि भवन दो साल से बंद पड़ा है, इसे तत्काल शुरू किया जाए, उद्घाटन बाद में भी हो सकता है।

प्रमुख मुद्दों पर हुई चर्चा

  • जल समस्या: मंडावा विधायक ने वाटर वर्क्स विभाग के अधिकारियों पर फोन न उठाने और गांवों में पानी की किल्लत की शिकायत की।
  • ओवरलोडिंग: उदयपुरवाटी विधायक द्वारा उठाए गए ओवरलोड वाहनों के मुद्दे पर एसपी ने 3 दिन के विशेष अभियान का आश्वासन दिया।
  • स्कूल ध्वस्तीकरण: विधायक पितराम सिंह काला ने बिना पुष्टि के स्कूलों की पुरानी बिल्डिंग गिराने और सामान के गायब होने पर सवाल उठाए।

बैठक के समापन पर सांसद बृजेन्द्र ओला ने बेहतर काम करने वाले अधिकारियों की पीठ थपथपाई, वहीं सुस्त अफसरों को कार्यशैली सुधारने की नसीहत दी। राजनीतिक अनुपस्थिति के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘दिशा’ बैठक एक सरकारी कार्यक्रम है, न कि किसी दल का आयोजन।


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