Leopard लसाड़िया के कुएं में गिरा, वन विभाग ने सुरक्षित बाहर निकाला

राजस्थान के सलूंबर जिले के लसाड़िया क्षेत्र में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहाँ के दानितालाई वन क्षेत्र के खाबड़ मार्ग पर स्थित एक गहरे कुएं में अचानक एक लेपर्ड (तेंदुआ) गिर गया। जैसे ही स्थानीय लोगों को इसकी भनक लगी, उन्होंने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। खबर मिलते ही वन विभाग की…

सलूंबर: कुएं में गिरे लेपर्ड को वन विभाग ने सुरक्षित निकाला, ग्रामीणों को दी बड़ी चेतावनी

राजस्थान के सलूंबर जिले के लसाड़िया क्षेत्र में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहाँ के दानितालाई वन क्षेत्र के खाबड़ मार्ग पर स्थित एक गहरे कुएं में अचानक एक लेपर्ड (तेंदुआ) गिर गया। जैसे ही स्थानीय लोगों को इसकी भनक लगी, उन्होंने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। खबर मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम बिना समय गंवाए घटनास्थल पर पहुंची और वन्यजीव को बचाने के लिए ऑपरेशन शुरू किया।

रेस्क्यू ऑपरेशन: सूझबूझ से बची तेंदुए की जान

कुएं में लेपर्ड के गिरने की खबर फैलते ही वहां भारी भीड़ जमा हो गई थी। बचाव कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए टीम ने सबसे पहले कुएं के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाया और लोगों को दूर रहने की हिदायत दी। वन विभाग के कर्मचारियों ने अत्यंत धैर्य और पेशेवर सूझबूझ का परिचय देते हुए एक चारपाई और लोहे के पिंजरे का इस्तेमाल किया। घंटों की मशक्कत के बाद टीम लेपर्ड को सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रही।

स्वास्थ्य जांच और आगे की योजना

रेस्क्यू किए गए लेपर्ड को फिलहाल वन विभाग की बांसी नर्सरी भेजा गया है। वहां विशेषज्ञों की देखरेख में उसका प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, यदि लेपर्ड पूरी तरह स्वस्थ पाया जाता है, तो उसे जल्द ही उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में वापस छोड़ दिया जाएगा। राहत की बात यह है कि रेस्क्यू के दौरान लेपर्ड को किसी भी प्रकार की गंभीर चोट नहीं आई है।

वन विभाग की जनता से खास अपील

इस घटना के बाद वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों और किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि:

  • जंगलों और खेतों में स्थित सभी खुले कुओं को ढककर रखें।
  • कुओं के चारों ओर मजबूत सुरक्षा दीवार या जाल लगाएं।
  • किसी भी वन्यजीव के दिखने पर छेड़छाड़ न करें और तुरंत विभाग को सूचित करें।

विभाग का मानना है कि यदि समय रहते इन एहतियाती कदमों को उठाया जाए, तो भविष्य में ऐसी जानलेवा दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।


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