Health: बारां में 172 स्वास्थ्य केंद्रों पर मातृ-शिशु सेवाओं की सघन जांच

बारां जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को परखने के लिए एक विशेष इंटेंसिव आरसीएच (प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य) ड्राइव का संचालन किया गया। इस व्यापक अभियान के तहत जिले भर के 172 स्वास्थ्य संस्थानों का औचक और सघन निरीक्षण किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रसव पूर्व जांच, टीकाकरण और…

बारां जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का सघन निरीक्षण: 172 संस्थानों में जांच, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान

बारां जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को परखने के लिए एक विशेष इंटेंसिव आरसीएच (प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य) ड्राइव का संचालन किया गया। इस व्यापक अभियान के तहत जिले भर के 172 स्वास्थ्य संस्थानों का औचक और सघन निरीक्षण किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रसव पूर्व जांच, टीकाकरण और संस्थागत प्रसव जैसी सेवाओं में सुधार लाना और उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करना था।

जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई

यह अभियान जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. जगदीश कुशवाह के नेतृत्व में चलाया गया। निरीक्षण प्रक्रिया में जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और उप-स्वास्थ्य केंद्रों तक की सेवाओं की बारीकी से जांच की गई। इस दौरान जिला एवं ब्लॉक स्तर की विशेष टीमों ने सक्रिय भूमिका निभाई, जिसमें डिप्टी सीएमएचओ डॉ. सीताराम वर्मा, डॉ. निशांत सैनी, डीपीएम दिलीप शर्मा सहित चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और ब्लॉक स्तरीय अधिकारी शामिल रहे।

निरीक्षण में सामने आए महत्वपूर्ण आंकड़े

अभियान के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। इसमें एएनसी पंजीकरण से लेकर हाई रिस्क गर्भवतियों की पहचान तक के महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं, जो जिले की स्वास्थ्य स्थिति को स्पष्ट करते हैं:

विवरण आंकड़े
कुल निरीक्षित स्वास्थ्य संस्थान 172
12 सप्ताह से पहले एएनसी पंजीकरण 279
चिह्नित हाई रिस्क गर्भवती महिलाएं 61
एनीमिया से पीड़ित महिलाएं 12
कुल प्रसव (अभियान अवधि में) 12
सिजेरियन (ऑपरेशन) प्रसव 4

सुधार के लिए दिए गए कड़े निर्देश

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केवल आंकड़ों की ही जांच नहीं की, बल्कि संस्थानों में साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, रिकॉर्ड संधारण और चिकित्सा स्टाफ की उपस्थिति का भी गहन मूल्यांकन किया। जिन केंद्रों पर कमियां पाई गईं, वहां संबंधित चिकित्सा अधिकारियों और प्रभारी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

  • उच्च जोखिम वाली गर्भवती (HRP) महिलाओं के निरंतर फॉलोअप पर जोर।
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश।
  • स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने की चेतावनी।

सीएमएचओ डॉ. जगदीश कुशवाह ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस प्रकार के निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें और मातृ-शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम किया जा सके।


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