दौसा: मेहंदीपुर बालाजी धाम में गुरु पूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का सैलाब, महंत नरेशपुरी ने दिया संयम और सेवा का संदेश
दौसा जिले के विश्व प्रसिद्ध सिद्धपीठ मेहंदीपुर बालाजी धाम में बुधवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव पूरी श्रद्धा और आध्यात्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज के सानिध्य में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। सुबह 11 बजे शुरू हुए इस महोत्सव में गुरु पूजन, दीक्षा समारोह और भजन-कीर्तन के माध्यम से भक्तों ने अपने गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
गुरु दीक्षा: सत्य और सदाचार का संकल्प
महोत्सव को संबोधित करते हुए महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज ने गुरु दीक्षा के वास्तविक अर्थ को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि गुरु से प्राप्त मंत्र केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि सत्य, सेवा, संयम और सदाचार के मार्ग पर चलने का एक दृढ़ संकल्प है। महंत ने श्रद्धालुओं को जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान करते हुए कई महत्वपूर्ण संदेश दिए:
- नशा मुक्ति: समाज को कुरीतियों से बचाने के लिए नशा मुक्त जीवन जीने का संकल्प लें।
- सामाजिक सरोकार: धर्म, संस्कृति और संस्कारों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।
- सावधानी: दुराचारी और नकारात्मक प्रवृत्तियों वाले लोगों से दूरी बनाकर रखें।
- सामाजिक समरसता: आपसी भाईचारे और सेवा भाव को जीवन का आधार बनाएं।
विधायक ने सौंपा मुख्यमंत्री का संदेश
कार्यक्रम में स्थानीय विधायक विक्रम बंशीवाल ने विशेष रूप से शिरकत की। विधायक ने महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज का सम्मान किया और उन्हें मुख्यमंत्री की ओर से भेजा गया शुभकामना पत्र सौंपा। इस दौरान धाम परिसर भक्तिमय भजनों और गुरु महिमा के उद्घोष से गुंजायमान रहा।
पूरे दिन चले इस आध्यात्मिक आयोजन में भक्तों ने गुरु आरती और आशीर्वाद समारोह का लाभ उठाया। गुरु पूर्णिमा के इस पावन पर्व पर श्रद्धालुओं ने अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, महोत्सव के दौरान सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि दूर-दराज से आए भक्त सुगमता से गुरु दर्शन कर सकें।
