सरकारी जमीन बेचकर 42 लाख की धोखाधड़ी करने वाला पूर्व पार्षद गिरफ्तार
सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनी दुकानों को बेचकर एक महिला से 42 लाख रुपये की भारी भरकम ठगी करने के आरोपी पूर्व पार्षद और कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अलीम खान को पुलिस ने धर दबोचा है। आरोपी लंबे समय से कानून की आंखों में धूल झोंक रहा था और मामले में नामजद होने के बाद से ही अपना मोबाइल बंद कर फरार चल रहा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अलीम खान के खिलाफ विभिन्न थानों में पहले से ही करीब 16 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
क्या है पूरा मामला?
सीओ नॉर्थ शिवम जोशी के मुताबिक, चटाईगंज निवासी जीनत ने सिविल लाइंस थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़िता का आरोप है कि आरपीएससी कॉलोनी, वैशाली नगर निवासी पूर्व पार्षद अलीम खान ने उसे केसरपुरा इलाके में सड़क किनारे बनी दुकानें बेची थीं। इस सौदे के लिए अलीम ने महिला से 42 लाख रुपये ऐंठ लिए थे।
जब पीड़िता को बाद में यह पता चला कि जिन दुकानों के लिए उसने लाखों रुपये चुकाए हैं, वे असल में सरकारी जमीन पर बनी हैं, तो उसके होश उड़ गए। उसने तुरंत अलीम खान से संपर्क कर अपने पैसे वापस मांगे। आरोप है कि पैसे लौटाने के बजाय अलीम खान ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी और अवैध रूप से ठगी को अंजाम दिया।
पुलिस की विशेष टीम ने बिछाया जाल
एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही आरोपी अलीम खान पुलिस की पकड़ से दूर था। सिविल लाइंस थानाधिकारी शंभू सिंह के नेतृत्व में हेड कॉन्स्टेबल जगदीश और कॉन्स्टेबल सौदान की एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस को मुखबिर से गुप्त सूचना मिली कि आरोपी पीसांगन के अलीपुरा गांव में छिपकर अपनी फरारी काट रहा है। सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस ने दबिश दी और कुख्यात हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी से अन्य दर्ज मामलों और उसके नेटवर्क के बारे में कड़ाई से पूछताछ कर रही है।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| आरोपी का नाम | अलीम खान (पूर्व पार्षद) |
| दर्ज मामले | कुल 16 आपराधिक केस |
| ठगी की राशि | 42 लाख रुपये |
| गिरफ्तारी का स्थान | अलीपुरा गांव (पीसांगन) |
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