शहडोल में स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल: एंबुलेंस के इंतजार में गर्भवती महिला की मौत, नवजात सुरक्षित
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जहां समय पर 108 एंबुलेंस न मिलने के कारण एक 22 वर्षीय गर्भवती महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी। जैतपुर थाना क्षेत्र में हुई इस घटना ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है। परिजनों का आरोप है कि यदि एंबुलेंस समय पर पहुंच जाती, तो महिला की जान बचाई जा सकती थी।
क्या है पूरा मामला?
गलहथा गांव के मौहार टोला की रहने वाली 22 वर्षीय जयमंती को सोमवार को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तत्काल 108 एंबुलेंस को फोन कर सहायता मांगी। आरोप है कि काफी देर इंतजार करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। महिला की बिगड़ती हालत को देखते हुए परिजन उसे एक ऑटो में बिठाकर जैतपुर अस्पताल ले जाने के लिए मजबूर हो गए। दुर्भाग्यवश, रास्ते में ही महिला ने बच्ची को जन्म दे दिया।
अस्पताल में उपचार के दौरान तोड़ा दम
अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने मां और नवजात बच्ची का तुरंत इलाज शुरू किया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव या अन्य जटिलताओं के कारण कुछ ही देर बाद जयमंती की मौत हो गई। राहत की बात यह है कि नवजात बच्ची पूरी तरह से सुरक्षित है और डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।
घटनाक्रम पर एक नजर
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मृतका का नाम | जयमंती (22 वर्ष) |
| स्थान | जैतपुर, शहडोल (म.प्र.) |
| नवजात की स्थिति | स्वस्थ और सुरक्षित |
| जांच की स्थिति | पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर जांच शुरू |
स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही जैतपुर पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। जैतपुर थाना प्रभारी जयप्रकाश शर्मा ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
- बीएमओ ने मानी देरी: बुढार ब्लॉक के बीएमओ डॉ. सचिन कारकुर ने स्वीकार किया कि एंबुलेंस पहुंचने में देरी हुई थी।
- जांच के आदेश: स्वास्थ्य विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि एंबुलेंस में देरी क्यों हुई और महिला की मृत्यु के सटीक चिकित्सकीय कारण क्या थे।
- निगरानी में चूक: बीएमओ के अनुसार, एएनएम महिला की नियमित निगरानी कर रही थी, लेकिन बीच में महिला के बाहर चले जाने के कारण कुछ जरूरी जांचें अधूरी रह गई थीं।
फिलहाल, पूरे इलाके में इस घटना को लेकर आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है।










