जिले के युवाओं को मिलेगा हुनर का नया संबल, जिला कौशल एवं उद्यमिता समिति की पहली बैठक संपन्न
जिले के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बुधवार शाम को जिला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा की अध्यक्षता में ‘जिला कौशल एवं उद्यमिता समिति’ की पहली बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित कौशल विकास और उद्यमिता योजनाओं को धरातल पर मजबूती से उतारना था। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
स्थानीय बाजार की मांग के अनुरूप होगा कौशल प्रशिक्षण
बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर हसीजा ने स्पष्ट किया कि युवाओं को केवल प्रशिक्षण देना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें बाजार की मांग के अनुरूप तैयार करना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में स्किल गैप की पहचान की जाए ताकि स्थानीय उद्योगों को जिस तरह के कुशल युवाओं की आवश्यकता है, उसी के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम डिजाइन किए जा सकें। उन्होंने विभागों से आपसी समन्वय बढ़ाने और संसाधनों के दोहराव को रोकने पर विशेष जोर दिया ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंच सके।
बैठक के प्रमुख उद्देश्य और कार्ययोजना
कलेक्टर ने रोजगार मेलों और करियर काउंसलिंग को नियमित करने का आह्वान किया। समिति के मुख्य लक्ष्यों को नीचे दी गई तालिका में समझा जा सकता है:
| उद्देश्य | विवरण |
|---|---|
| समन्वय | विभिन्न विभागों की ट्रेनिंग योजनाओं में दोहराव को रोकना। |
| बाजार आधारित ट्रेनिंग | स्थानीय उद्योगों की जरूरतों के अनुसार कोर्स तैयार करना। |
| वैश्विक अवसर | युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार दिलाना। |
बैठक में शामिल रहे प्रमुख प्रतिनिधि
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रशासन और शिक्षा जगत के दिग्गजों ने अपने सुझाव साझा किए। बैठक में शामिल प्रमुख हस्तियों में शामिल हैं:
- नरेश बुनकर, एडीएम
- नगर परिषद आयुक्त एवं जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक
- राजकीय महाविद्यालय, महिला महाविद्यालय एवं आईटीआई के प्राचार्य
- आरएसएलडीसी के जिला कौशल समन्वयक एवं लीड बैंक प्रबंधक
- श्रमिक संघ प्रतिनिधि फतेह सिंह राव और उद्योग संघ प्रतिनिधि संदीप
अंत में, जिला रोजगार अधिकारी राजू सिंह चौहान ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी विभागों से अपेक्षा जताई कि उन्हें सौंपे गए दायित्वों की प्रगति रिपोर्ट समयबद्ध तरीके से प्रस्तुत की जाए, ताकि जिले के युवाओं का भविष्य संवारा जा सके।
