Cyber Alert: बीकानेर के युवक का WhatsApp पाकिस्तान में एक्टिव, एजेंसियां सतर्क


राजस्थान के बीकानेर में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हुए 18 वर्षीय युवक अनिल कुमार को गिरफ्तार किया है। बज्जू थाना क्षेत्र के गौड़ू गांव का रहने वाला अनिल कुमार पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के गिरोह के सीधे संपर्क में था। आरोप है कि युवक ने अपने नाम पर जारी भारतीय…

बीकानेर: पाकिस्तानी गैंगस्टर को भारतीय सिम का ओटीपी देने वाला युवक गिरफ्तार, सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी चिंता

राजस्थान के बीकानेर में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हुए 18 वर्षीय युवक अनिल कुमार को गिरफ्तार किया है। बज्जू थाना क्षेत्र के गौड़ू गांव का रहने वाला अनिल कुमार पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के गिरोह के सीधे संपर्क में था। आरोप है कि युवक ने अपने नाम पर जारी भारतीय सिम कार्ड को पाकिस्तान में एक्टिवेट करने के लिए जरूरी ओटीपी (OTP) गैंगस्टर के गुर्गों को मुहैया कराया था। इस सिम के जरिए पाकिस्तान में व्हाट्सएप अकाउंट चलाया जा रहा था।

एटीएस की कार्रवाई और संदिग्ध गतिविधियां

जयपुर की एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉयड (ATS) को जैसे ही 17 जुलाई को पाकिस्तानी नंबर पर भारतीय सिम सक्रिय होने की भनक लगी, टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अनिल कुमार को उसके घर से हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद 19 जुलाई को उसे स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया, जिसके बाद उसकी औपचारिक गिरफ्तारी हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से गैंगस्टर के गुर्गे ‘उज्जेर’ के संपर्क में था। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने न केवल सिम का दुरुपयोग होने दिया, बल्कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन भी किया था, जिसकी गहनता से जांच की जा रही है।

देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय सिम कार्ड्स का इस तरह से सीमा पार इस्तेमाल देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे नंबरों का उपयोग जासूसी, हनीट्रैप, साइबर हमले और संवेदनशील सुरक्षा जानकारियों को जुटाने के लिए किया जा सकता है।

सीमावर्ती इलाकों में बढ़ता नेटवर्क

बीकानेर के सीमावर्ती क्षेत्रों जैसे बज्जू, खाजूवाला और पूगल पर सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही कड़ी नजर रख रही हैं। हाल के वर्षों में इन इलाकों से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और उनसे जुड़े एजेंटों के कई मामले सामने आए हैं। पूर्व की कुछ प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं:

  • 2024-25: महाजन फील्ड फायरिंग रेंज से जुड़ी सैन्य जानकारी लीक करने के आरोप में कैंटीन संचालक, ई-मित्र संचालक और रेलवे कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया था।
  • अक्टूबर 2023: दंतोर क्षेत्र के एक युवक को सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी महिला एजेंटों को सामरिक सूचनाएं भेजने के आरोप में दबोचा गया था।
  • फरवरी 2026: खाजूवाला बॉर्डर पर ड्रोन के जरिए चीन निर्मित पिस्तौल और कारतूस गिराने की घटना ने सीमा सुरक्षा तंत्र को हिला दिया था।

फिलहाल, पुलिस आरोपी अनिल कुमार के अन्य संपर्कों और इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है ताकि सीमा पार से चल रहे इस डिजिटल जाल को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।


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