Trucks: अलवर में चक्का जाम, परमिट और VLDT के विरोध में ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल


राजस्थान के अलवर जिले में सोमवार का दिन परिवहन क्षेत्र के लिए हलचल भरा रहा। राजस्थान ट्रक ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति के आह्वान पर 'अलवर जिला ट्रांसपोर्ट ओनर्स एसोसिएशन' ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है, जिसके चलते जिले भर में हजारों ट्रक सड़कों से नदारद दिखे। ट्रांसपोर्टरों ने राज्य की भाजपा…

अलवर में ट्रकों का चक्का जाम: ट्रांसपोर्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से ठप हुआ कामकाज

राजस्थान के अलवर जिले में सोमवार का दिन परिवहन क्षेत्र के लिए हलचल भरा रहा। राजस्थान ट्रक ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति के आह्वान पर ‘अलवर जिला ट्रांसपोर्ट ओनर्स एसोसिएशन’ ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है, जिसके चलते जिले भर में हजारों ट्रक सड़कों से नदारद दिखे। ट्रांसपोर्टरों ने राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ट्रांसपोर्ट नगर में जोरदार प्रदर्शन किया और रैली निकालकर विरोध दर्ज कराया।

क्यों नाराज हैं ट्रांसपोर्टर? मुख्य कारण और समस्याएं

हड़ताल का मुख्य कारण व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और नेशनल परमिट से जुड़ी जटिलताएं हैं। यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार की नीतियों के कारण ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पूरी तरह से संकट में आ गया है। इस हड़ताल से जुड़ी प्रमुख समस्याएं नीचे दी गई हैं:

  • फिटमेंट प्रमाण पत्र की कमी: केंद्र सरकार ने तीन साल पहले कमर्शियल वाहनों के लिए वीएलटीडी और पैनिक बटन अनिवार्य किए थे। राजस्थान में अब तक किसी भी वेंडर को फिटमेंट प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है।
  • नेशनल परमिट पर रोक: प्रमाण पत्र न मिलने के कारण 14 जून से नेशनल परमिट जारी होने की प्रक्रिया पूरी तरह ठप पड़ी है।
  • भारी जुर्माना: परमिट न होने के कारण मजबूरी में चलने वाले ट्रकों से टोल प्लाजा पर 10 हजार रुपये तक का भारी जुर्माना वसूला जा रहा है, जिससे ट्रांसपोर्टर आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं।

हड़ताल का असर और सरकार को चेतावनी

यूनियन के अध्यक्ष सुरेश मेहता ने स्पष्ट किया है कि परिवहन मंत्री प्रेमचंद बैरवा और सरकार के समक्ष कई बार गुहार लगाने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला, जिसके कारण उन्हें यह कड़ा कदम उठाना पड़ा। ट्रांसपोर्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।

आवश्यक सेवाओं को मिली राहत

हालांकि ट्रांसपोर्टरों ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए चक्का जाम का रास्ता अपनाया है, लेकिन आम जनता की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। हड़ताल के दौरान निम्नलिखित सेवाओं को पूरी तरह छूट दी गई है:

सेवा का प्रकार स्थिति
दूध और डेयरी उत्पाद छूट प्राप्त
सब्जी और फल छूट प्राप्त
दवाइयां और मेडिकल सप्लाई छूट प्राप्त

प्रदर्शन के दौरान इमरत दीन, परमजीत सिंह गोगिया, पंकज अनेजा, संदीप मित्तल, गगनदीप अनेजा, समसू खान, प्रेम गांधी, सतीश शर्मा, संदीप गुप्ता और अशोक अरोड़ा सहित बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टर और ट्रक चालक मौजूद रहे। फिलहाल, प्रशासन और ट्रांसपोर्ट यूनियन के बीच गतिरोध बरकरार है और ट्रकों का पहिया थमा हुआ है।


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