दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से गरमाया सियासी पारा, कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार प्रदर्शन
मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। पार्टी ने इस बार पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इस फैसले के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। दतिया में भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच भारी असंतोष देखने को मिल रहा है और वे अपने पुराने नेता का टिकट काटे जाने से खासे नाराज हैं। वहीं, विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मौके का फायदा उठाते हुए भाजपा पर तंज कसा है और इसे पार्टी का डर बताया है।
उम्मीदवार घोषित होते ही दतिया में भाजपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने दतिया-झांसी हाईवे पर चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और करीब 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। नाराज कार्यकर्ताओं ने साफ तौर पर कहा कि वे आशुतोष तिवारी को नहीं जानते और इस चुनाव में उनका पुरजोर विरोध करेंगे। समर्थकों का आरोप है कि पार्टी ने एक कद्दावर नेता को दरकिनार कर गलत निर्णय लिया है, जिसका खामियाजा आगामी उपचुनाव में भुगतना पड़ सकता है।
कांग्रेस का भाजपा पर हमला, उमंग सिंघार ने साधा निशाना
कांग्रेस ने नरोत्तम मिश्रा का नाम हटाए जाने को भाजपा की आंतरिक कमजोरी बताया है। पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने कहा कि भाजपा को अपनी हार साफ नजर आ रही थी, इसलिए उन्होंने चेहरा बदल दिया। वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कड़ी टिप्पणी करते हुए नरोत्तम मिश्रा को अहंकारी करार दिया। उन्होंने लिखा कि जनता के भारी विरोध के आगे भाजपा को झुकना पड़ा है और अब दतिया की जनता कांग्रेस पर भरोसा जताकर प्रदेश में न्याय की नई परिभाषा लिखेगी।
भाजपा का पलटवार और आशुतोष तिवारी की प्रतिक्रिया
विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रवक्ता अजय यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक कैडर आधारित संगठन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसदीय बोर्ड ने जमीनी हकीकत और सभी तथ्यों की समीक्षा करने के बाद ही आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा का दावा है कि केंद्र और राज्य सरकार की जनहितैषी योजनाओं के दम पर पार्टी इस चुनाव में बड़े अंतर से जीत हासिल करेगी।
- आशुतोष तिवारी का बयान: प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने विवादों के बीच नरोत्तम मिश्रा को अपना ‘अभिभावक’ बताया है।
- समन्वय की कोशिश: तिवारी ने कहा कि पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं का आशीर्वाद उनके साथ है और वे एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे।
- जीत का दावा: भाजपा ने कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस कभी भी अपने पारंपरिक ढर्रे से बाहर नहीं निकल सकती।





