Satna: ग्रामीणों ने घेरी कलेक्टर की गाड़ी, SDM-तहसीलदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी


मध्य प्रदेश के सतना जिले की रामपुर बघेलान तहसील में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब जनसुनवाई के बाद ग्रामीणों ने कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस की गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया। स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली, भ्रष्टाचार और मनमानी से नाराज सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए। स्थिति…

सतना: जनसुनवाई के बाद कलेक्टर की गाड़ी का घेराव, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

मध्य प्रदेश के सतना जिले की रामपुर बघेलान तहसील में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब जनसुनवाई के बाद ग्रामीणों ने कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस की गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया। स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली, भ्रष्टाचार और मनमानी से नाराज सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए। स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब कलेक्टर जैसे ही अपना काफिला लेकर निकलने वाले थे, महिलाओं सहित भारी भीड़ ने उनके वाहन को रोक दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।

प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों ने की नारेबाजी

कलेक्टर की गाड़ी रुकते ही आक्रोशित ग्रामीणों ने ‘एसडीएम-तहसीलदार मुर्दाबाद’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। माहौल को शांत करने के लिए कलेक्टर खुद अपनी गाड़ी से बाहर निकले और लोगों से बात करने की कोशिश की, लेकिन भारी शोर-शराबे के कारण उनकी आवाज किसी तक नहीं पहुंच सकी। इस दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया:

  • सरकारी राशन वितरण में बड़े पैमाने पर धांधली और कालाबाजारी।
  • राजस्व विभाग के लंबित मामले जैसे नामांतरण और सीमांकन में देरी।
  • तहसील कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और अधिकारियों की लापरवाही।
  • पात्र हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलना।

45 मिनट तक चला गतिरोध, पुलिस ने संभाला मोर्चा

प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इस बात को लेकर था कि जिले के सबसे बड़े अधिकारी के आने के बावजूद उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान नहीं हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप था कि केवल आवेदन लेकर खानापूर्ति की जा रही है, जबकि समस्याओं का निवारण नहीं किया जा रहा है। करीब 45 मिनट तक चले इस हंगामे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत और समझाइश के बाद भीड़ को सड़क से हटाया। तब जाकर कलेक्टर का काफिला वहां से रवाना हो सका। फिलहाल, इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन पर अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने का भारी दबाव बढ़ गया है।


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