Train में झपटमारी करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार, RPF और GRP में श्रेय की होड़


जबलपुर रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन में महिला यात्री को निशाना बनाने वाले एक शातिर बदमाश की गिरफ्तारी के बाद अब रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के बीच विवाद गहरा गया है। 21 वर्षीय आरोपी की गिरफ्तारी के बाद दोनों विभाग इस सफलता का पूरा श्रेय खुद लेने की होड़ में…

जबलपुर रेलवे स्टेशन पर चेन स्नेचिंग का मामला: आरोपी की गिरफ्तारी के बाद आरपीएफ और जीआरपी के बीच छिड़ी श्रेय लेने की जंग

जबलपुर रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन में महिला यात्री को निशाना बनाने वाले एक शातिर बदमाश की गिरफ्तारी के बाद अब रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के बीच विवाद गहरा गया है। 21 वर्षीय आरोपी की गिरफ्तारी के बाद दोनों विभाग इस सफलता का पूरा श्रेय खुद लेने की होड़ में जुट गए हैं, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

11 जुलाई को हुई थी वारदात

घटनाक्रम के अनुसार, 11 जुलाई को जबलपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-6 पर ओवरनाइट एक्सप्रेस (22192) खड़ी थी। इसी दौरान एक महिला यात्री के गले से मंगलसूत्र और अन्य कीमती जेवर झपटकर एक युवक फरार हो गया था। इस घटना के बाद स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया था और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की थी।

आरपीएफ और जीआरपी के दावे

आरोपी की पहचान मक्का नगर (हनुमानताल) निवासी सोहित उर्फ शाहिद अंसारी (21) के रूप में हुई है। आरोपी के पास से लगभग 35,500 रुपये कीमत के आभूषण बरामद किए गए हैं। हालांकि, गिरफ्तारी के बाद दोनों सुरक्षा बलों के दावों में बड़ा अंतर है:

  • आरपीएफ का पक्ष: आरपीएफ का दावा है कि उन्होंने सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपी की पहचान की और उसकी गतिविधियों को ट्रैक किया। आरपीएफ के अनुसार, उन्होंने ही सारी जानकारी जुटाकर जीआरपी को सौंपी थी।
  • जीआरपी का पक्ष: जीआरपी का कहना है कि उन्होंने अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और सीसीटीवी विश्लेषण के आधार पर आरोपी को धर दबोचा। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया।

बरामदगी का विवरण

विवरण जानकारी
बरामद सामग्री सोने का पेंडेंट और चार सोने की गुरियां
कुल कीमत 35,500 रुपये
आरोपी का नाम सोहित उर्फ शाहिद अंसारी

श्रेय की लड़ाई और पुलिस की कार्यप्रणाली

मामला तब और गरमा गया जब सोमवार को जीआरपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गिरफ्तारी की जानकारी दी, जिसके तुरंत बाद आरपीएफ ने भी अपना अलग प्रेस नोट जारी कर दिया। आरपीएफ ने यह स्वीकार किया कि कार्रवाई के दौरान जीआरपी के जवान साथ थे, लेकिन मुख्य भूमिका अपनी बताई। फिलहाल, आरोपी जीआरपी की हिरासत में है और न्यायिक प्रक्रिया जारी है। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा एजेंसियां अपराध रोकने से ज्यादा एक-दूसरे से आगे निकलने की दौड़ में व्यस्त हैं।


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