Jain Muni: जैन मुनि पर अभद्र टिप्पणी करने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

अशोकनगर कोतवाली पुलिस ने जैन समाज के प्रतिष्ठित संत मुनि सुधासागर जी महाराज के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरी आरोपी की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है। यह मामला धार्मिक…

जैन मुनि सुधासागर जी महाराज पर आपत्तिजनक टिप्पणी: दो आरोपी गिरफ्तार, तीसरी आरोपी की तलाश जारी

अशोकनगर कोतवाली पुलिस ने जैन समाज के प्रतिष्ठित संत मुनि सुधासागर जी महाराज के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरी आरोपी की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है। यह मामला धार्मिक भावनाओं को आहत करने से जुड़ा है, जिसके चलते क्षेत्र में काफी आक्रोश देखा गया था।

दर्ज किया गया गंभीर धाराओं में मामला

पुलिस के अनुसार, व्हाट्सएप के जरिए जैन मुनि के संबंध में अपमानजनक कंटेंट प्रसारित किए जाने की शिकायत मिलने के बाद कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की है:

  • धारा 299: धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के उद्देश्य से किया गया कृत्य।
  • धारा 352: शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना।
  • धारा 353(2): विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता, घृणा या द्वेष की भावना को बढ़ावा देना।

पुलिस की विशेष टीम ने कई राज्यों में डाली दबिश

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने विशेष निर्देश जारी किए थे। एसडीओपी विवेक शर्मा के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने राज्य की सीमाओं को पार करते हुए निम्नलिखित शहरों में छापेमारी की:

शहरों के नाम
सागर, दमोह, जबलपुर
नागपुर (महाराष्ट्र)
ललितपुर (उत्तर प्रदेश)

पुलिस दबाव के बाद आरोपियों ने किया सरेंडर

लगातार पुलिसिया कार्रवाई और दबिश के दबाव में आकर आरोपी राहुल जैन (40) और समीर जैन (39), जो सागर के रामपुरा वार्ड के निवासी हैं, खुद न्यायालय में उपस्थित हुए। पुलिस ने वहां से दोनों को हिरासत में लेकर औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ के लिए उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया है। वहीं, इस मामले की मुख्य आरोपी डॉ. रेखा जैन अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश के लिए टीमें लगातार सक्रिय हैं।

इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थाना प्रभारी रवि प्रताप सिंह चौहान, सत्येंद्र कुशवाह, विनोद तिवारी, पंकज त्रिपाठी और राजू रघुवंशी समेत साइबर सेल के जांबाज अधिकारियों की भूमिका सराहनीय रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन विवेचना जारी है और जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


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